{"_id":"5bfc439ebdec2241975feccf","slug":"151543259038-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरा गया अयोध्या में आतंकी हमला करने की अफवाह फैलाने वाला आरोपी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धरा गया अयोध्या में आतंकी हमला करने की अफवाह फैलाने वाला आरोपी
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या में आतंकी हमला होने की झूठी सूचना देने वाला गिरफ्तार
बाराबंकी। यूपी-100 के नंबर पर कॉल कर अयोध्या में हुई विहिप की धर्मसभा में आतंकी हमला होने की झूठी सूचना देने के आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने कुबूला कि वह यूपी-100 के नंबर पर 42 बार फोन करके झूठी सूचनाएं देकर पुलिस को छका चुका है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन व फर्जी आईडी पर लिए गए चार सिमकार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे जेल भेजा है।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने सोमवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता में बताया कि रविवार को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा हुई थी। जिसके लिए पूरी अयोध्या को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
इसी बीच 24 नवंबर की रात 10.30 बजे किसी व्यक्ति ने यूपी-100 के नंबर पर कॉल कर सूचना दी थी कि धर्मसभा में कुछ आतंकवादी साधु के वेश में आकर हमला करने वाले हैं।
विज्ञापन
इस सूचना से अयोध्या से लेकर शासन तक हड़कंप मच गया था। ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हुई तो पता लगा कि बाराबंकी के किसी व्यक्ति ने यूपी-100 के नंबर पर कॉल कर ये सूचना दी थी।
एसपी ने बताया कि रविवार को ही मसौली थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी रामखेलावन ने पुलिस को खबर दी कि उनके मूक-बधिर भाई लल्ला की आईडी पर किसी ने फर्जी तरीके से सिमकार्ड ले लिया है।
पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि ये वही नंबर है जिससे यूपी-100 को कॉल करके अयोध्या में आतंकी हमला होने की सूचना दी गई थी। इस पर पुलिस ने जांच कर आरोपी वसीम पुत्र लल्लन निवासी ग्राम जिन्हौली शहर कोतवाली को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
वसीम ने बताया कि वह फर्जी आईडी पर सिमकार्ड लेकर यूपी-100 के नंबर पर अक्सर कॉल करके झूठी सूचना देकर पुलिस को परेशान करता था। वसीम ने इस साल जनवरी सेे अब तक 42 बार यूपी-100 को फोन कर झूठी सूचनाएं देकर पुलिस को छकाने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने वसीम के पास से दो मोबाइल फोन व फर्जी आईडी पर लिए गए विभिन्न कंपनियों के चार सिमकार्ड बरामद किए हैं।
एसपी वीपी श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपी वसीम की करतूत से पूरे देश का माहौल खराब हो सकता था। उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। मगर पुलिस उसे कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। आरोपी वसीम के आठ भाई और चार बच्चे हैं। वह बाइक मैकेनिक है।
विज्ञापन
बाराबंकी। यूपी-100 के नंबर पर कॉल कर अयोध्या में हुई विहिप की धर्मसभा में आतंकी हमला होने की झूठी सूचना देने के आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने कुबूला कि वह यूपी-100 के नंबर पर 42 बार फोन करके झूठी सूचनाएं देकर पुलिस को छका चुका है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन व फर्जी आईडी पर लिए गए चार सिमकार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे जेल भेजा है।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने सोमवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता में बताया कि रविवार को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा हुई थी। जिसके लिए पूरी अयोध्या को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
विज्ञापन
इसी बीच 24 नवंबर की रात 10.30 बजे किसी व्यक्ति ने यूपी-100 के नंबर पर कॉल कर सूचना दी थी कि धर्मसभा में कुछ आतंकवादी साधु के वेश में आकर हमला करने वाले हैं।
विज्ञापन
इस सूचना से अयोध्या से लेकर शासन तक हड़कंप मच गया था। ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हुई तो पता लगा कि बाराबंकी के किसी व्यक्ति ने यूपी-100 के नंबर पर कॉल कर ये सूचना दी थी।
एसपी ने बताया कि रविवार को ही मसौली थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी रामखेलावन ने पुलिस को खबर दी कि उनके मूक-बधिर भाई लल्ला की आईडी पर किसी ने फर्जी तरीके से सिमकार्ड ले लिया है।
पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि ये वही नंबर है जिससे यूपी-100 को कॉल करके अयोध्या में आतंकी हमला होने की सूचना दी गई थी। इस पर पुलिस ने जांच कर आरोपी वसीम पुत्र लल्लन निवासी ग्राम जिन्हौली शहर कोतवाली को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
वसीम ने बताया कि वह फर्जी आईडी पर सिमकार्ड लेकर यूपी-100 के नंबर पर अक्सर कॉल करके झूठी सूचना देकर पुलिस को परेशान करता था। वसीम ने इस साल जनवरी सेे अब तक 42 बार यूपी-100 को फोन कर झूठी सूचनाएं देकर पुलिस को छकाने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने वसीम के पास से दो मोबाइल फोन व फर्जी आईडी पर लिए गए विभिन्न कंपनियों के चार सिमकार्ड बरामद किए हैं।
एसपी वीपी श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपी वसीम की करतूत से पूरे देश का माहौल खराब हो सकता था। उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया। मगर पुलिस उसे कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। आरोपी वसीम के आठ भाई और चार बच्चे हैं। वह बाइक मैकेनिक है।