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जालसाजी कर बनाई गई एमबीबीएस की फर्जी मार्कशीट, मार्केटिंग मैनेजर पर केस
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बाराबंकी। जालसाजी से एमबीबीएस की फर्जी मार्कशीट बनवाने के मामले में पुलिस ने शहर के गदिया स्थित मेयो इंस्टीट्यूूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट में आरोप है कि करीब 40 छात्रों से लाखों की ठगी की गई है। जबकि छात्रों की 161 असली मार्कशीट भी आरोपी लेकर चला गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
एएसपी उत्तरी आरएस गौतम ने बताया कि शहर में गदिया स्थित मेयो इंस्टीट्यूूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रशासनिक अधिकारी राजवर्धन दीक्षित ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इंस्टीट्यूट के मार्केटिंग मैनेजर रहे राजीव रंजन चौबे पुत्र रजनीकांत चौबे निवासी 306, बेतवा आपर्टमेंट, गोमतीनगर, एक्सटेंशन थाना गोमतीनगर, लखनऊ वर्ष 2014 से कॉलेज में कार्यरत थे। इनके खिलाफ की गई शिकायतों में पता चला है कि इन्होंने छात्रों से लाखों रुपये लेकर इंटर्नशिप कराने के नाम पर फर्जी मार्कशीट दी है।
इसको लेकर इन्हें कॉलेज प्रशासन ने नवंबर, 2018 में नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद कई छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की कि राजीव रंजन चौबे ने चार से पांच लाख रुपये लेकर करीब 40 विद्यार्थियों को एमबीबीएस में इंटर्नशिप कराने के नाम पर फर्जी मार्कशीट दी है। इस बीच जब कॉलेज प्रशासन ने जांच की तो पता लगा कि जो बच्चे टेबुलेशन में पास नहीं थे, उनकी फर्जी मार्कशीट तैयार कर इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन करवा दिया गया है। आरोप है कि पैसा वापस मांगने व पूछताछ करने पर इन्होंने कॉलेज प्रशासन के कर्मचारियों व विद्यार्थियों को जान से मारने की धमकी भी दी।
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राजीव रंजन चौबे पर यह आरोप भी है कि वर्ष 2014-15 बैच के करीब 161 विद्यार्थियों की असली मार्कशीट भी ये लेकर चले गए। पुलिस ने राजीव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एएसपी का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि इसके पीछे कहीं कॉलेज प्रशासन का आपसी विवाद तो नहीं है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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एएसपी उत्तरी आरएस गौतम ने बताया कि शहर में गदिया स्थित मेयो इंस्टीट्यूूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रशासनिक अधिकारी राजवर्धन दीक्षित ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इंस्टीट्यूट के मार्केटिंग मैनेजर रहे राजीव रंजन चौबे पुत्र रजनीकांत चौबे निवासी 306, बेतवा आपर्टमेंट, गोमतीनगर, एक्सटेंशन थाना गोमतीनगर, लखनऊ वर्ष 2014 से कॉलेज में कार्यरत थे। इनके खिलाफ की गई शिकायतों में पता चला है कि इन्होंने छात्रों से लाखों रुपये लेकर इंटर्नशिप कराने के नाम पर फर्जी मार्कशीट दी है।
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इसको लेकर इन्हें कॉलेज प्रशासन ने नवंबर, 2018 में नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद कई छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की कि राजीव रंजन चौबे ने चार से पांच लाख रुपये लेकर करीब 40 विद्यार्थियों को एमबीबीएस में इंटर्नशिप कराने के नाम पर फर्जी मार्कशीट दी है। इस बीच जब कॉलेज प्रशासन ने जांच की तो पता लगा कि जो बच्चे टेबुलेशन में पास नहीं थे, उनकी फर्जी मार्कशीट तैयार कर इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन करवा दिया गया है। आरोप है कि पैसा वापस मांगने व पूछताछ करने पर इन्होंने कॉलेज प्रशासन के कर्मचारियों व विद्यार्थियों को जान से मारने की धमकी भी दी।
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राजीव रंजन चौबे पर यह आरोप भी है कि वर्ष 2014-15 बैच के करीब 161 विद्यार्थियों की असली मार्कशीट भी ये लेकर चले गए। पुलिस ने राजीव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एएसपी का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि इसके पीछे कहीं कॉलेज प्रशासन का आपसी विवाद तो नहीं है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।