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भीषण उमस भरी गर्मी से नहीं मिल रही राहत
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Wed, 29 Jun 2016 11:38 PM IST
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तेज धूप में स्कूटी से अपने को ढककर कुछ इस तरह से जातीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले कई दिनों से मौसम की लुकाछिपी जारी है। आसमान में बादल घिरते हैं। बिजली भी चमकती है लेकिन कुछ घंटों बाद ही मौसम सामान्य हो जाता है। मौसम की इस बेरुखी से आम आदमी से लेकर किसान तक सभी हलकान हैं। तेज धूप के साथ भीषण उमस भरी गर्मी से सभी परेशान हैं। बुधवार को भी मौसम का मिजाज काफी तल्ख रहा। जिसके चलते सुबह से ही लोग उमस व गर्मी से हलकान रहे। हालांकि शाम को लोगों को कुछ राहत मिली।
बीती 21 जून को हुई झमाझम बारिश के बाद तो जैसे इंद्र देव ही रूठ गए हैं। बीते एक सप्ताह से मौसम का मिजाज भी बदल गया है। भोर में या रात में आसमान में बादल तो घिरते हैं। बिजली भी चमकती है। जिससे किसानों को खेती शुरू करने और आम आदमी को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद तो जगती है। अगले दिन मौसम का बदला मिजाज सबकी उम्मीदों पर पानी फेर जाता है।
बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज काफी तल्ख रहा। समय बढ़ने के साथ उमस भी बढ़ती गई। जिससे लोग पूरे दिन हलकान रहे। भीषण उमस व गर्मी से कमरों में लगे पंखों की हवा आदि सब बेअसर रहा। लोग राहत के लिए छायादार जगहों पर दुबके रहे। सड़कों पर भी सन्नाटा रहा। लेकिन शाम को बह रही हवाओं ने राहत दी।
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बीती 21 जून को हुई झमाझम बारिश के बाद तो जैसे इंद्र देव ही रूठ गए हैं। बीते एक सप्ताह से मौसम का मिजाज भी बदल गया है। भोर में या रात में आसमान में बादल तो घिरते हैं। बिजली भी चमकती है। जिससे किसानों को खेती शुरू करने और आम आदमी को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद तो जगती है। अगले दिन मौसम का बदला मिजाज सबकी उम्मीदों पर पानी फेर जाता है।
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बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज काफी तल्ख रहा। समय बढ़ने के साथ उमस भी बढ़ती गई। जिससे लोग पूरे दिन हलकान रहे। भीषण उमस व गर्मी से कमरों में लगे पंखों की हवा आदि सब बेअसर रहा। लोग राहत के लिए छायादार जगहों पर दुबके रहे। सड़कों पर भी सन्नाटा रहा। लेकिन शाम को बह रही हवाओं ने राहत दी।
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