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Barabanki News: महादेवा कॉरिडोर में बाधा बने भवनों पर चला बुलडोजर
Tue, 12 May 2026 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 12 May 2026 01:35 AM IST
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बाराबंकी। श्री लोधेश्वर महादेवा में प्रस्तावित भव्य कॉरिडोर निर्माण का कार्य अब तेज हो गया है। कॉरिडोर में बाधा बन रहे 28 मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सोमवार को तहसील प्रशासन ने शुरू कर दिया है। एसडीएम की निगरानी में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह से शुरू हुए अभियान में शाम तक करीब 10 मकानों को ध्वस्त किया गया।
काशी विश्वनाथ की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर का निर्माण होना है। श्री लोधेश्वर महादेवा में साल भर में चार बड़े मेले लगते हैं, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी और एक साथ करीब 10 हजार श्रद्धालु लाइन में लगकर भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चना कर सकेंगे।
महादेवा के मुख्य गेट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बनने के बाद परिक्रमा मार्ग पर काम शुरू होगा। रामनगर के एसडीएम आनंद तिवारी ने बताया कि कॉरिडोर निर्माण को गति देने के उद्देश्य से इन भवनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के अंतिम निर्देशानुसार जो भी वैध भू-स्वामी होंगे, उन्हें नियमतः उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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200 करोड़ का है बजट
कॉरिडोर निर्माण के लिए शासन ने 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसमें से 48 करोड़ रुपये से 127 मकानों का बैनामा पहले ही पर्यटन विभाग के पक्ष में कराया जा चुका है। शेष 28 मकानों का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इनका अधिग्रहण अटका हुआ था। प्रशासन ने कार्रवाई से दो दिन पहले ही संबंधित मकान मालिकों को घर खाली करने की अंतिम चेतावनी दे दी थी। सोमवार दोपहर एसडीएम रामनगर के नेतृत्व में बुलडोजर ने इन संरचनाओं को गिराने का काम शुरू किया।
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काशी विश्वनाथ की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर का निर्माण होना है। श्री लोधेश्वर महादेवा में साल भर में चार बड़े मेले लगते हैं, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी और एक साथ करीब 10 हजार श्रद्धालु लाइन में लगकर भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चना कर सकेंगे।
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महादेवा के मुख्य गेट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बनने के बाद परिक्रमा मार्ग पर काम शुरू होगा। रामनगर के एसडीएम आनंद तिवारी ने बताया कि कॉरिडोर निर्माण को गति देने के उद्देश्य से इन भवनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के अंतिम निर्देशानुसार जो भी वैध भू-स्वामी होंगे, उन्हें नियमतः उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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200 करोड़ का है बजट
कॉरिडोर निर्माण के लिए शासन ने 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसमें से 48 करोड़ रुपये से 127 मकानों का बैनामा पहले ही पर्यटन विभाग के पक्ष में कराया जा चुका है। शेष 28 मकानों का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इनका अधिग्रहण अटका हुआ था। प्रशासन ने कार्रवाई से दो दिन पहले ही संबंधित मकान मालिकों को घर खाली करने की अंतिम चेतावनी दे दी थी। सोमवार दोपहर एसडीएम रामनगर के नेतृत्व में बुलडोजर ने इन संरचनाओं को गिराने का काम शुरू किया।