{"_id":"5fbff0958ebc3edc2069f7ee","slug":"bsnl-and-lic-offices-remain-closed-barabanki-news-lko5519396152","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद रहे बीएसएनएल व एलआईसी कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद रहे बीएसएनएल व एलआईसी कार्यालय
विज्ञापन
बाराबंकी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर गुरुवार को दूरसंचार और एलआईसी कार्यालय में हड़ताल रही। इस दौरान दोनों विभागों के कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए आकर्षित किया। वहीं ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के इस हड़ताल में शामिल होने के बाद भी बैंकों पर इसका कोई असर नहीं दिखा।
दूरसंचार कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव रामगोपाल मिश्रा ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की और कहा कि विभागों के निजीकरण से कर्मचारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं संजय कुमार तिवारी ने हड़ताल में शामिल सभी साथियों से संघर्ष का आह्वान किया। मांग की की बीएसएनएल को फोर-जी सेवा तुरंत उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया जाए, तीसरे वेतन संशोधन को 1-1-2017 से शीघ्र हल किया जाए। इसके अलावा पेंशन संबंधी मामलों का निस्तारण किया जाए।
हड़ताल में आशीष भदौरिया, कृष्ण कुमार, पारुल, प्रीति सिंह व संचयिता पाल आदि कर्मचारी शामिल रहे। इसी प्रकार शहर के एलआईसी कार्यालय के बाहर भी बीमा कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बीमा संबंधी कार्य कराने आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन
बैंकों के निजीकरण समेत कई अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने हड़ताल करने की घोषणा की थी लेकिन जिले के विभिन्न बैंकों में इस संगठन से जुड़े कर्मचारियों की संख्या कम होने के चलते इसका असर बैंकों पर नहीं पड़ा।
बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बैंकों के निजीकरण, कृषि बिल, पुरानी पेंशन बहाली आदि समेत कई अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन प्रांतीय नेतृत्व द्वारा हड़ताल करने की घोषणा की गई थी लेकिन जिले के विभिन्न बैंकों में इस संगठन से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बेहद कम होने के चलते इसका असर नहीं दिखा है। इस हड़ताल में कैशियर व क्लर्क पद के कर्मचारी शामिल होते हैं। बैंकों में आम दिनों की तरह ही काम हुए।
विज्ञापन
दूरसंचार कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव रामगोपाल मिश्रा ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की और कहा कि विभागों के निजीकरण से कर्मचारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं संजय कुमार तिवारी ने हड़ताल में शामिल सभी साथियों से संघर्ष का आह्वान किया। मांग की की बीएसएनएल को फोर-जी सेवा तुरंत उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया जाए, तीसरे वेतन संशोधन को 1-1-2017 से शीघ्र हल किया जाए। इसके अलावा पेंशन संबंधी मामलों का निस्तारण किया जाए।
विज्ञापन
हड़ताल में आशीष भदौरिया, कृष्ण कुमार, पारुल, प्रीति सिंह व संचयिता पाल आदि कर्मचारी शामिल रहे। इसी प्रकार शहर के एलआईसी कार्यालय के बाहर भी बीमा कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बीमा संबंधी कार्य कराने आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन
बैंकों के निजीकरण समेत कई अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने हड़ताल करने की घोषणा की थी लेकिन जिले के विभिन्न बैंकों में इस संगठन से जुड़े कर्मचारियों की संख्या कम होने के चलते इसका असर बैंकों पर नहीं पड़ा।
बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बैंकों के निजीकरण, कृषि बिल, पुरानी पेंशन बहाली आदि समेत कई अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन प्रांतीय नेतृत्व द्वारा हड़ताल करने की घोषणा की गई थी लेकिन जिले के विभिन्न बैंकों में इस संगठन से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बेहद कम होने के चलते इसका असर नहीं दिखा है। इस हड़ताल में कैशियर व क्लर्क पद के कर्मचारी शामिल होते हैं। बैंकों में आम दिनों की तरह ही काम हुए।