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Barabanki News: निवेश का हब बना बाराबंकी, अब तक 21,854 करोड़ के हुए एमओयू
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कुर्सी में स्थापित रेफ्रिजरेटर बनाने की फैक्टरी।
- फोटो : कुर्सी में स्थापित रेफ्रिजरेटर बनाने की फैक्टरी।
बाराबंकी। राजधानी लखनऊ से सटा बाराबंकी जिला निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है। उद्योग-अनुकूल नीतियों के चलते जिले में अब तक 21,854 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इसमें 314 निवेशकों ने जिले पर भरोसा जताया है। इन निवेश प्रस्तावों में से 7,261 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि 110 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले में 17,571 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
जिले में डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीमेंट, डिस्टिलरी, सीबीजी प्लांट, दवा निर्माण, कोल्ड स्टोरेज और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से जिले की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के तहत जिले को 9,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें से 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव निवेश पोर्टल पर स्वीकृत हो चुके हैं।
निवेश सारथी और निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। आईआईए के राष्ट्रीय सचिव प्रमित सिंह ने बताया कि दो औद्योगिक पार्क रामसनेहीघाट व हैदरगढ़ में बनना है। इसके बनने निवेश तो बढ़ेगा साथ ही औद्योगिक विकास को और भी गति मिलेगी। डिवीजनल चेयरमैन कैप्टन राजेश तिवारी ने बताया कि बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और अब लोग निडर होकर उद्योगों की स्थापना कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है।
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हैदरगढ़ व रामसनेहीघाट में निवेश के लिए भूमि उपलब्ध
डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए रामसनेहीघाट, हैदरगढ़ और नवाबगंज क्षेत्र में कुल 518.92 एकड़ भूमि निवेश के लिए उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। औद्योगिक निवेश से बाराबंकी न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि यह जिला अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन का एक सशक्त उदाहरण भी बनता जा रहा है।
जिले में निवेश की प्रमुख उपलब्धियां-
कुल एमओयू : 21,854 करोड़ रुपये
निर्माणाधीन परियोजनाएं : 7,261 करोड़ रुपये
निवेश के लिए उपलब्ध भूमि : 518.92 एकड़
जीबीसी-5 में लक्ष्य : 9,000 करोड़ रुपये
उत्पादन शुरू करने वाली इकाइयांं : 110
प्रस्तावित रोजगार : 17,571
निवेशक : 314
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जिले में डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीमेंट, डिस्टिलरी, सीबीजी प्लांट, दवा निर्माण, कोल्ड स्टोरेज और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से जिले की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के तहत जिले को 9,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें से 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव निवेश पोर्टल पर स्वीकृत हो चुके हैं।
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निवेश सारथी और निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। आईआईए के राष्ट्रीय सचिव प्रमित सिंह ने बताया कि दो औद्योगिक पार्क रामसनेहीघाट व हैदरगढ़ में बनना है। इसके बनने निवेश तो बढ़ेगा साथ ही औद्योगिक विकास को और भी गति मिलेगी। डिवीजनल चेयरमैन कैप्टन राजेश तिवारी ने बताया कि बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और अब लोग निडर होकर उद्योगों की स्थापना कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है।
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हैदरगढ़ व रामसनेहीघाट में निवेश के लिए भूमि उपलब्ध
डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए रामसनेहीघाट, हैदरगढ़ और नवाबगंज क्षेत्र में कुल 518.92 एकड़ भूमि निवेश के लिए उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। औद्योगिक निवेश से बाराबंकी न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि यह जिला अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन का एक सशक्त उदाहरण भी बनता जा रहा है।
जिले में निवेश की प्रमुख उपलब्धियां-
कुल एमओयू : 21,854 करोड़ रुपये
निर्माणाधीन परियोजनाएं : 7,261 करोड़ रुपये
निवेश के लिए उपलब्ध भूमि : 518.92 एकड़
जीबीसी-5 में लक्ष्य : 9,000 करोड़ रुपये
उत्पादन शुरू करने वाली इकाइयांं : 110
प्रस्तावित रोजगार : 17,571
निवेशक : 314