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बाबा सीढ़ी दर सीढ़ी फैलाता था अपना मायाजाल
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 14 May 2016 12:14 AM IST
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बाबा के आश्रम के बाहर बैठीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी रंगीन मिजाजी को लेकर चर्चा में रहने वाले हर्रई आश्रम के स्वामी परमानंद संतान की लालसा से आई महिला भक्तों का पूजा व मनोकामना पूर्ण होने के नाम पर विश्वास में लेकर शोषण करता था। शुक्रवार को जब मीडिया वाले आश्रम पहुंचे तो वहां करीब एक दर्जन महिलाएं पहले से मौजूद थी।
आठ शनिवार को कराता था पूजा
तंत्र-मंत्र की आड़ में बाबा महिलाओें की अस्मत से खिलवाड़ करने का माहिर रहा है। पुत्र की लालसा में इसके तिलिस्म में फंसने वाली महिलाओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती रही। आश्रम सूत्रों की मानें तो बाबा परमानंद संतान की चाह में आने वाली महिला भक्तों को सर्वप्रथम आठ मंगल या आठ शनिवार पूजा करने का संकल्प दिलाता था। बताते हैं कि पहली पूजा के दौरान बाबा भक्तों को पूर्व के कथित चमत्कारों की सीडी दिखा कर विश्वास में लेता था तथा दूसरी पूजा में भक्त के कमर में लाल कलावा (धागा) बांधता था।
इसके बाद अगली पूजा में गुरु ही सर्वोपरि का पाठ पढ़ाने के बाद अपने जाल में फंसाता था। अगली पूजा में भक्त को तन, मन व धन से समर्पण का संकल्प दिलाता था तथा मां काली के समक्ष शपथ दिलाई जाती थी कि कमरे के भीतर की कुछ बातों को गोपनीय रखा जाएगा नहीं तो उसका अनिष्ट हो जाएगा। इसी के बाद बाबा का महिलाओं का शारीरिक शोषण करता था।
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लोकल आदमी से बात नहीं
बाबा परमानंद ने अपने भक्तों को सख्त हिदायत दे रखी थी कि आश्रम से 15 किलोमीटर तक किसी स्थानीय व्यक्ति से आश्रम की गतिविधियों के संबंध में कोई बात नहीं करनी है। शायद तभी आश्रम आने जाने के दौरान बाबा के अधिकांश बाहरी भक्त किसी स्थानीय लोगों से कोई सरोकार नहीं रखते थे।
पंचायत भवन को बनाया पार्किंग
हर्रई के पंचायत भवन पर बाबा के लोगोें ने कब्जा कर उसे वाहन पार्किं ग बना दिया। बाहर से आने वाले भक्तों से यहां पर वाहन खड़ा कराने के नाम पर पैसा वसूला जाता था। ग्राम प्रधान ओम प्रकाश वर्मा ने बताया कि गांव का ही एक युवक यह स्टैंड चला रहा है।
सुंदर मॉडलों से कराता था प्रचार
बाबा के आश्रम में हर जगह से हारे तब हर्रई धाम पधारे... के नारे भक्तों से लगवाए जाते थे। बेटा चाहिए तो यहां आइए का स्लोगन देने वाले बाबा परमानंद के आश्रम के गेट के भीतर घुसते ही एक रहस्यमयी दुनिया नजर आती है। यहां पर सबसे पहले नजर आएंगी सुंदर माडलों द्वारा बाबा की ब्रांडिंग करती होर्डिंग्स। इसके बाद बाबा के कथित चमत्कार वाली होर्डिंग्स व वीवीआईपी को आशीर्वाद देते बाबा की फोटो व होर्डिंग्स चर्चा में रहती थी।
महिलाएं बोलीं, बाबा के आशीर्वाद से भरी गोद
शुक्रवार को आश्रम पर जब मीडिया कर्मी पहुंचे तो वहां पहले से करीब एक दर्जन महिलाएं मौजूद थीं। उसमें से करीब आधी से ज्याद गर्भवती थीं। गोरखपुर से आईं एक महिला ने बताया कि उन्हें बाबा की कृपा से ही गर्भ ठहरा है। कहा कि बाबा पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं सब गलत हैं। गोरखपुर की ही अन्य महिला ने कहा वो आठ महीने से यहां आ रही है। उन्हें करीब पांच माह का गर्भ है।
छापे में नहीं मिला बाबा
बाबा की तलाश में गुरुवार की रात से देवा पुलिस ने हर्रई आश्रम, बाबागंज, बंकी, बाराबंकी शहर व लखनऊ आदि संभावित ठिकानों पर छापामारी की। कोतवाल जावेद खान ने बताया कि इन जगहों पर बाबा नहीं मिला है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं।
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आठ शनिवार को कराता था पूजा
तंत्र-मंत्र की आड़ में बाबा महिलाओें की अस्मत से खिलवाड़ करने का माहिर रहा है। पुत्र की लालसा में इसके तिलिस्म में फंसने वाली महिलाओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती रही। आश्रम सूत्रों की मानें तो बाबा परमानंद संतान की चाह में आने वाली महिला भक्तों को सर्वप्रथम आठ मंगल या आठ शनिवार पूजा करने का संकल्प दिलाता था। बताते हैं कि पहली पूजा के दौरान बाबा भक्तों को पूर्व के कथित चमत्कारों की सीडी दिखा कर विश्वास में लेता था तथा दूसरी पूजा में भक्त के कमर में लाल कलावा (धागा) बांधता था।
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इसके बाद अगली पूजा में गुरु ही सर्वोपरि का पाठ पढ़ाने के बाद अपने जाल में फंसाता था। अगली पूजा में भक्त को तन, मन व धन से समर्पण का संकल्प दिलाता था तथा मां काली के समक्ष शपथ दिलाई जाती थी कि कमरे के भीतर की कुछ बातों को गोपनीय रखा जाएगा नहीं तो उसका अनिष्ट हो जाएगा। इसी के बाद बाबा का महिलाओं का शारीरिक शोषण करता था।
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लोकल आदमी से बात नहीं
बाबा परमानंद ने अपने भक्तों को सख्त हिदायत दे रखी थी कि आश्रम से 15 किलोमीटर तक किसी स्थानीय व्यक्ति से आश्रम की गतिविधियों के संबंध में कोई बात नहीं करनी है। शायद तभी आश्रम आने जाने के दौरान बाबा के अधिकांश बाहरी भक्त किसी स्थानीय लोगों से कोई सरोकार नहीं रखते थे।
पंचायत भवन को बनाया पार्किंग
हर्रई के पंचायत भवन पर बाबा के लोगोें ने कब्जा कर उसे वाहन पार्किं ग बना दिया। बाहर से आने वाले भक्तों से यहां पर वाहन खड़ा कराने के नाम पर पैसा वसूला जाता था। ग्राम प्रधान ओम प्रकाश वर्मा ने बताया कि गांव का ही एक युवक यह स्टैंड चला रहा है।
सुंदर मॉडलों से कराता था प्रचार
बाबा के आश्रम में हर जगह से हारे तब हर्रई धाम पधारे... के नारे भक्तों से लगवाए जाते थे। बेटा चाहिए तो यहां आइए का स्लोगन देने वाले बाबा परमानंद के आश्रम के गेट के भीतर घुसते ही एक रहस्यमयी दुनिया नजर आती है। यहां पर सबसे पहले नजर आएंगी सुंदर माडलों द्वारा बाबा की ब्रांडिंग करती होर्डिंग्स। इसके बाद बाबा के कथित चमत्कार वाली होर्डिंग्स व वीवीआईपी को आशीर्वाद देते बाबा की फोटो व होर्डिंग्स चर्चा में रहती थी।
महिलाएं बोलीं, बाबा के आशीर्वाद से भरी गोद
शुक्रवार को आश्रम पर जब मीडिया कर्मी पहुंचे तो वहां पहले से करीब एक दर्जन महिलाएं मौजूद थीं। उसमें से करीब आधी से ज्याद गर्भवती थीं। गोरखपुर से आईं एक महिला ने बताया कि उन्हें बाबा की कृपा से ही गर्भ ठहरा है। कहा कि बाबा पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं सब गलत हैं। गोरखपुर की ही अन्य महिला ने कहा वो आठ महीने से यहां आ रही है। उन्हें करीब पांच माह का गर्भ है।
छापे में नहीं मिला बाबा
बाबा की तलाश में गुरुवार की रात से देवा पुलिस ने हर्रई आश्रम, बाबागंज, बंकी, बाराबंकी शहर व लखनऊ आदि संभावित ठिकानों पर छापामारी की। कोतवाल जावेद खान ने बताया कि इन जगहों पर बाबा नहीं मिला है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं।