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Barabanki News: अहंकार और क्रोध से क्षीण हो जाता है मनुष्य का विवेक
Sun, 10 May 2026 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 10 May 2026 11:52 PM IST
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बाजार शुकुल। पूरे शुकलन गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को प्रवाचक निर्मेष महाराज ने कहा कि रामकथा सुनने से मनुष्य को मुक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। अहंकार और क्रोध आने पर मनुष्य का विवेक और बल दोनों क्षीण हो जाते हैं।
प्रवाचक ने कहा कि भाव बिना भक्ति संभव नहीं है। जिस प्रकार भगवान राम का जीवन भाव से भरा है, उसी प्रकार माता सीता भक्ति का स्वरुप हैं। कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। श्रीराम ने अपने जीवन में माता-पिता की आज्ञा, भाईचारे, त्याग, मर्यादा और धर्म का पालन कर आदर्श स्थापित किया। आज समाज को उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है, जिससे परिवारों में प्रेम, सम्मान और संस्कार मजबूत हो सकें। गिरीशचंद्र शुक्ल, भूपेंद्र विक्रम सिंह सोनू, रविशंकर तिवारी, जगदीश पाल, राम प्रसाद शुक्ल, अभिषेक शुक्ल, सर्वेश शुक्ल, राकेश शुक्ल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि भाव बिना भक्ति संभव नहीं है। जिस प्रकार भगवान राम का जीवन भाव से भरा है, उसी प्रकार माता सीता भक्ति का स्वरुप हैं। कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। श्रीराम ने अपने जीवन में माता-पिता की आज्ञा, भाईचारे, त्याग, मर्यादा और धर्म का पालन कर आदर्श स्थापित किया। आज समाज को उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है, जिससे परिवारों में प्रेम, सम्मान और संस्कार मजबूत हो सकें। गिरीशचंद्र शुक्ल, भूपेंद्र विक्रम सिंह सोनू, रविशंकर तिवारी, जगदीश पाल, राम प्रसाद शुक्ल, अभिषेक शुक्ल, सर्वेश शुक्ल, राकेश शुक्ल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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