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केंद्र की अमृत योजना में शामिल हुआ शहर, बढ़ेगी सुविधाएं
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बाराबंकी। केंद्र सरकार की अमृत योजना में नगर पालिका परिषद का चयन हो गया है। इससे अब शहर में मूलभूत सुविधाओं में बढ़ावा होने से लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। अब शहरवासियों का जल्द ही शुद्ध पेयजल पीने का सपना पूरा हो सकता है। वहीं सीवर लाइन भी बनने का काम हो सकेगा। करीब एक साल पहले इसके लिए शहरी विकास मंत्री हरदीप एस पुरी से मिलकर सांसद उपेंद्र रावत ने मांग की थी। नगर पालिका का चयन इस योजना के द्वितीय फेज में हुआ है। अप्रैल 2022 से विकास कार्य शुरू हो सकेंगे। अधिकारी शहर में होने वाले कामों का डीपीआर तैैयार करने में लगे हैं।
नगर पालिका परिषद बाराबंकी में 29 वार्ड हैं। शहर की आबादी करीब तीन लाख हो चुकी है। इसी का नतीजा है कि अब नगर पालिका अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत योजना) में सम्मिलित हुई है। अमृत योजना में नगर पालिका के शामिल होने पर पेयजल आपूर्ति, पार्कों का सौंदर्यीकरण, सड़कों के रखरखाव के साथ सर्वांगीण विकास हो सकेगा।
शहरों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में अमृत योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर को पाइप लाइन द्वारा जलापूर्ति एवं सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत हरियाली विकसित करना तथा पार्कों का सौंदर्यीकरण भी शामिल है ताकि नागरिकों का स्वास्थ्य और शहर का सौंदर्यीकरण बेहतर हो सके।
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योजना का उद्देश्य लोगों का जीवन स्तर सुधारना
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद अमृत योजना अमल में लाई गई थी। इसका उद्देश्य शहरी नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। शहरवासियों को परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, सड़कें, पार्क व वाई-फाई की सुविधा देने की कवायद इससे होनी है। इसमें गरीब व दिव्यांगजनों को खास राहत देने की कोशिश होनी है।
इसके अलावा नगर पालिका के सभी कामकाज कागज पर नहीं बल्कि कंप्यूटराइज्ड करना भी प्रमुख लक्ष्य है। हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स हो अथवा अन्य कोई टैक्स, कोई भी विवरण फाइलों में नहीं बल्कि डिजिटल होनी है। बोर्ड मीटिंग का विवरण हो अथवा वाहनों के रखरखाव, संख्या, कर्मचारियों की स्थित, सफाई कर्मचारियों का विवरण आदि सब कुछ ऑनलाइन करने की मंशा है।
ईओ ने ली दो दिन की ट्रेनिंग
नगर पालिका परिषद को अमृत योजना में शामिल किए जाने का पत्र प्राप्त हो चुका है। इसके लिए बीते माह लखनऊ जाकर दो दिन की ट्रेनिंग भी ले चुका हूं। इस योजना के दूसरे फेज के लिए नगर पालिका का चयन हुआ है। इससे अगले साल अप्रैल में विकास कार्य शुरू हो सकेंगे। फिलहाल डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
-पवन कुमार, ईओ
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नगर पालिका परिषद बाराबंकी में 29 वार्ड हैं। शहर की आबादी करीब तीन लाख हो चुकी है। इसी का नतीजा है कि अब नगर पालिका अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत योजना) में सम्मिलित हुई है। अमृत योजना में नगर पालिका के शामिल होने पर पेयजल आपूर्ति, पार्कों का सौंदर्यीकरण, सड़कों के रखरखाव के साथ सर्वांगीण विकास हो सकेगा।
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शहरों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में अमृत योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर को पाइप लाइन द्वारा जलापूर्ति एवं सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत हरियाली विकसित करना तथा पार्कों का सौंदर्यीकरण भी शामिल है ताकि नागरिकों का स्वास्थ्य और शहर का सौंदर्यीकरण बेहतर हो सके।
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योजना का उद्देश्य लोगों का जीवन स्तर सुधारना
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद अमृत योजना अमल में लाई गई थी। इसका उद्देश्य शहरी नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। शहरवासियों को परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, सड़कें, पार्क व वाई-फाई की सुविधा देने की कवायद इससे होनी है। इसमें गरीब व दिव्यांगजनों को खास राहत देने की कोशिश होनी है।
इसके अलावा नगर पालिका के सभी कामकाज कागज पर नहीं बल्कि कंप्यूटराइज्ड करना भी प्रमुख लक्ष्य है। हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स हो अथवा अन्य कोई टैक्स, कोई भी विवरण फाइलों में नहीं बल्कि डिजिटल होनी है। बोर्ड मीटिंग का विवरण हो अथवा वाहनों के रखरखाव, संख्या, कर्मचारियों की स्थित, सफाई कर्मचारियों का विवरण आदि सब कुछ ऑनलाइन करने की मंशा है।
ईओ ने ली दो दिन की ट्रेनिंग
नगर पालिका परिषद को अमृत योजना में शामिल किए जाने का पत्र प्राप्त हो चुका है। इसके लिए बीते माह लखनऊ जाकर दो दिन की ट्रेनिंग भी ले चुका हूं। इस योजना के दूसरे फेज के लिए नगर पालिका का चयन हुआ है। इससे अगले साल अप्रैल में विकास कार्य शुरू हो सकेंगे। फिलहाल डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
-पवन कुमार, ईओ