{"_id":"62b6138d67556d3fad0ddc93","slug":"amrat-sarover-barabanki-news-lko6366967150","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाद देख वापस लौटी जांच करने गई टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाद देख वापस लौटी जांच करने गई टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरोवर की जांच के लिए गई टीम अपने सामने ग्रामीणों का विवाद देख मौके से लौट आई। आरोप है कि दरियाबाद ब्लॉक के आगरा गांव में बनाए जा रहे अमृत सरोवर में ग्राम प्रधान द्वारा मानक विहीन और मनमाने तरीके से नाबालिग मजदूरों से कार्य कराया जा रहा है। उसकी खुदाई भी मानक विहीन तरीके से की जा रही है। एसडीएम ने बीडीओ को पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया था।
सहायक विकास अधिकारी आशुतोष मिश्रा के साथ ग्राम विकास अधिकारी संजय वर्मा शुक्रवार को मौके पर जांच करने पहुंचे। शिकायत गांव के निवासी सुनील सिंह, आदर्श आदि ने एसडीएम से की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मस्टर रोल के हिसाब से तालाब की खुदाई नहीं कराई जा रही है। काम नाबालिग लड़कों से कराया जा रहा है जिनको नकद मजदूरी दी जा रही है और मनरेगा का पैसा जो काम नहीं कर रहा है उसके खाते में भेजा जा रहा है।
इस पर अधिकारियों ने मजदूरों से इसकी जानकारी लेनी शुरू ही की थी कि वहां मौजूदा प्रधान समर्थक और ग्रामीणों में विवाद होने लगा। जांच में लगे अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की मगर किसी ने अधिकारियों की नहीं सुनी। धीरे-धीरे विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष एक-दूसरे के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। यह विवाद देख टीम वापस लौट गई।
विज्ञापन
टीम की जांच पूरी न होने से शिकायतकर्ता ने उन्हें रोकने का प्रयास किया मगर टीम बिना जांच के बैरंग लौट गई। सहायक विकास अधिकारी आशुतोष मिश्रा का कहना है कि मौजूदा प्रधान और पूर्व प्रधान के समर्थकों में जांच के दौरान झड़प हो गई। उन्हें समझाने की कोशिश की गई मगर नहीं मानें तो टीम वहां से लौट आई है। जांच जारी रहेगी। अब पुलिस बल के साथ गांव की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
सहायक विकास अधिकारी आशुतोष मिश्रा के साथ ग्राम विकास अधिकारी संजय वर्मा शुक्रवार को मौके पर जांच करने पहुंचे। शिकायत गांव के निवासी सुनील सिंह, आदर्श आदि ने एसडीएम से की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मस्टर रोल के हिसाब से तालाब की खुदाई नहीं कराई जा रही है। काम नाबालिग लड़कों से कराया जा रहा है जिनको नकद मजदूरी दी जा रही है और मनरेगा का पैसा जो काम नहीं कर रहा है उसके खाते में भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
इस पर अधिकारियों ने मजदूरों से इसकी जानकारी लेनी शुरू ही की थी कि वहां मौजूदा प्रधान समर्थक और ग्रामीणों में विवाद होने लगा। जांच में लगे अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की मगर किसी ने अधिकारियों की नहीं सुनी। धीरे-धीरे विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष एक-दूसरे के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। यह विवाद देख टीम वापस लौट गई।
विज्ञापन
टीम की जांच पूरी न होने से शिकायतकर्ता ने उन्हें रोकने का प्रयास किया मगर टीम बिना जांच के बैरंग लौट गई। सहायक विकास अधिकारी आशुतोष मिश्रा का कहना है कि मौजूदा प्रधान और पूर्व प्रधान के समर्थकों में जांच के दौरान झड़प हो गई। उन्हें समझाने की कोशिश की गई मगर नहीं मानें तो टीम वहां से लौट आई है। जांच जारी रहेगी। अब पुलिस बल के साथ गांव की जांच की जाएगी।