फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   ...इनकी अंगूठियां कौन देखेगा जनाब !

...इनकी अंगूठियां कौन देखेगा जनाब !

Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
Barabanki
Barabanki Updated Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने एक दिन पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी के निलंबन व उनकी संपत्ति की जांच के आदेश इसलिए दिए कि उन्होंनेे अपनी अंगुलियों में सोने की आठ अंगूठियांं पहन रखी थीं। प्रथम दृष्टया इसके पीछे अवैध कमाई कारण माना जा रहा है। यह तो महज बानगी भर है। जिले में विभिन्न विभागों में कई ऐसे अधिकारी और बाबू हैं जिनका जलवा, जलाल और हैसियत उनके पद और वेतन को ही मुंह चिढ़ाते हैं। कई तो ऐसे हैं जो बड़े अफसरों के चहेते बन जाते हैं। सत्ता बदलती रहती है लेकिन इनकी कुर्सी नहीं हिलती।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम का कार्य देखने वाले एक लिपिक के जलवे कमाल के हैं। इनमें वह खूबी है कि कोई अधिकारी आता है ये कुछ दिनों बाद ही उसके चहेते हो जाते हैं। रिवाल्वर लगाकर कार्यालय आना इनका शगल है। यहां के प्रशासनिक अधिकारी का हाल भी अन्य साथियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिला पंचायत के एक अधिकारी इन दिनों चर्चा में हैं। जब मरजी हुई लग्जरी गाड़ी से चले आते हैं कर्मचारियों पर रौब गालिब करते हैं और थोड़ी देर मौज मस्ती की, शाम होते ही निकल जाते हैं। शिक्षा विभाग का ही हाल देखिए कई बीईओ ऐसे हैं जिन्हें हिलाने का साहस शासन में बैठे अधिकारियों में भी नहीं है। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं जो दस से बारह साल हो गए और यहीं के यहीं बने हुए हैं। एक बीईओ के जलवे सबसे ही अलग हैं, पत्नी को बीमा एजेंट बना रखा है और शिक्षकों पर बीमा कराने का अक्सर दबाव बनाया जाता है। शहर में एक आलीशान मकान भी बना रखा है। जिले के तीन अन्य ब्लाकों में तैनात बीईओ की ठाठ भी इनमें से किसी से कम नहीं है। बीएसए कार्यालय में शिक्षकों के स्थानांतरण का पटल देखने वाले एक लिपिक के जलवे भी सबसे अलग हैं। शहर में भले ही आवास न बना रखा हो लेकिन रिवाल्वर लगाकर कार्यालय आना इनका शौक है। ठाठ बाट में भी ये किसी से कम नहीं है। आपूर्ति विभाग में एक महिला लिपिक हैं इनके पति सत्ताधारी दल के नजदीकी हैं अक्सर लग्जरी गाडी से कार्यालय आना इनका शौक है। इससे भी कहीं बढ़कर जलवे तो आरटीओ कार्यालय में तैनात बाबुओं के हैं। यहां के बाबुओं की अवैध कमाई किसी से छिपी नहीं है। सोने की मोटी-मोटी चेन और हाथों में मंहगे पत्थर जड़ी सोने की अंगूठियां इनके हाथों की शोभा बढ़ा रही हैं। कार्यालय आने जाने का भी कोई समय नहीं। इन्होंने अपने साथ निजी बाबू रख रखें हैं, जो इनके पटल का कार्य देखते हैं। राजकीय निर्माण निगम में कार्यरत एक अधिकारी के गले में पड़ी सोने की चेन और हाथ का ब्रेसलेट चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं जिले में तैनात एक विपणन निरीक्षक के जलवे अलग हैं, लग्जरी गाड़ी से चलना। अधिकारियों से ज्यादा ठाठ बाट इनकी आन है। राजस्व विभाग में शहरी क्षेत्र में तैनात एक नायब तहसीलदार के क्या कहने, लंबे समय से वे जिले में तैनात हैं कोई भी अधिकारी रहे उसका चहेता बनने में देर नहीं लगती है और इनकी कमाई भी अकूत है। वहीं शहरी क्षेत्र से जुडे़ कई लेखपाल और राजस्व कर्मी ऐसे हैं जिनकी हैसियत का अंदाजा ही नहीं लगाया जा सकता है। इन लेखपालों के पास करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी वाहन हैं। पुलिस महकमे में एक क्षेत्राधिकारी हैं जिन्हें हटाने के लिए एक समय सपाइयों ने धरना प्रदर्शन तक किया था। इन्हें हटाने का आदेश हुआ लेकिन ये अपनी कुर्सी पर आज भी जमे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed