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जिलाध्यक्ष समेत सपा की पूरी जिला कार्यकारिणी भंग
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:33 PM IST
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सपा की पूरी जिला कार्यकारिणी भंग
क्रासर
- लंबे समय से पार्टी में चल रही थी गुटबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने जिलाध्यक्ष डॉ.कुलदीप सिंह समेत पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। इतनी बड़ी कार्रवाई के पीछे पार्टी में चल रही गुटबाजी को प्रमुख कारण माना जा रहा है क्योंकि दो माह पहले ही प्रदेश नेतृत्व मे जिले के पदाधिकारियों की सूची जारी की थी तभी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई थी। जिले में दिग्गज सपा नेताओं ने गुटबाजी को थामने की बजाय एक गुट का साथ देकर और हवा देते रहे। इसी का नतीजा है कि कभी समाजवादियों का गढ़ रहे जिले में पार्टी दिनों दिन कमजोर होती जा रही है। हालांकि प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर पार्टी का अगला कदम क्या होगा इसे लेकर सभी गुट जोड़ तोड में जुट गए है।
मालूम हो कि बाराबंकी जिला समाजवादी पार्टी का मजबूत किला था। किंतु धीरे-धीरे पार्टी को गुटबाजी ने कई धड़ों में बांट दिया। पार्टी का कार्यक्रम हो या चुनावी सभा पार्टी की गुटबाजी साफ दिखाई पड़ती थी। हालात इतने बिगड़े कि 2017 और नगर पंचायतों के चुनाव में पार्टी को हार से ज्यादा गुटबाजी के कारण फजीहत का सामना करना पड़ा । यहीं कारण था कि कई प्रत्याशी सपा में रहने के बावजूद नगर पंचायत का चुनाव में बिना पार्टी सिम्बल के चुनाव लड़ा। इतना ही नही यह गुटबाजी इतनी बढ़ी की प्रदेश नेतृत्व को जून 2018 में जिले की कार्यकारिणी सीधे तौर पर घोषित करनी पड़ी। दो महीने नही बीते थे कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को अध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी को पद से हटाना पड़ा।
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क्रासर
- लंबे समय से पार्टी में चल रही थी गुटबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने जिलाध्यक्ष डॉ.कुलदीप सिंह समेत पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। इतनी बड़ी कार्रवाई के पीछे पार्टी में चल रही गुटबाजी को प्रमुख कारण माना जा रहा है क्योंकि दो माह पहले ही प्रदेश नेतृत्व मे जिले के पदाधिकारियों की सूची जारी की थी तभी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई थी। जिले में दिग्गज सपा नेताओं ने गुटबाजी को थामने की बजाय एक गुट का साथ देकर और हवा देते रहे। इसी का नतीजा है कि कभी समाजवादियों का गढ़ रहे जिले में पार्टी दिनों दिन कमजोर होती जा रही है। हालांकि प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर पार्टी का अगला कदम क्या होगा इसे लेकर सभी गुट जोड़ तोड में जुट गए है।
मालूम हो कि बाराबंकी जिला समाजवादी पार्टी का मजबूत किला था। किंतु धीरे-धीरे पार्टी को गुटबाजी ने कई धड़ों में बांट दिया। पार्टी का कार्यक्रम हो या चुनावी सभा पार्टी की गुटबाजी साफ दिखाई पड़ती थी। हालात इतने बिगड़े कि 2017 और नगर पंचायतों के चुनाव में पार्टी को हार से ज्यादा गुटबाजी के कारण फजीहत का सामना करना पड़ा । यहीं कारण था कि कई प्रत्याशी सपा में रहने के बावजूद नगर पंचायत का चुनाव में बिना पार्टी सिम्बल के चुनाव लड़ा। इतना ही नही यह गुटबाजी इतनी बढ़ी की प्रदेश नेतृत्व को जून 2018 में जिले की कार्यकारिणी सीधे तौर पर घोषित करनी पड़ी। दो महीने नही बीते थे कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को अध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी को पद से हटाना पड़ा।
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