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पुल सि और वकील के बीच हुए संघर्ष की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
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बाराबंकी। पुलिस और वकील के बीच बृहस्पतिवार को हुए विवाद के दूसरे दिन शुक्रवार को हालात सामान्य दिखे। देवा तिराहे से लेकर कचहरी गेट तक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद रही। दोनों पक्षों से घायलों ने अपना मेडिकल कराने के बाद किसी भी पक्ष ने रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है। वहीं जिलाधिकारी ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
मालूम हो कि अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव और उसके रिश्तेदार की महिला दरोगा शिखा सिंह द्वारा पिटाई करने और शांतिभंग की धारा में कार्रवाई करने पर बृहस्पतिवार को वकीलों ने कचेहरी के सामने प्रदर्शन किया था। पुलिस और वकीलों के बीच मामला इतना तूल पकड़ा कि दोनों ओर से पथराव हुआ और पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था।
घटना में पुलिस की ओर महिला दरोगा शिखा सिंह समेत 42 और वकीलों के पक्ष से महामंत्री हिसालबारी, रितेश मिश्रा समेत 17 लोग घायल होकर जिला अस्पताल में अपना मेडिकल कराया लेकिन किसी के द्वारा रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है। उधर घटना की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अधिवक्ता रितेश मिश्रा को जिलाबार एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश अग्निहोत्री ने हड़ताल खत्म कराई।
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जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच करने की जिम्मेदारी एडीएम न्यायिक से कराने के आदेश दिए हैं।
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मालूम हो कि अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव और उसके रिश्तेदार की महिला दरोगा शिखा सिंह द्वारा पिटाई करने और शांतिभंग की धारा में कार्रवाई करने पर बृहस्पतिवार को वकीलों ने कचेहरी के सामने प्रदर्शन किया था। पुलिस और वकीलों के बीच मामला इतना तूल पकड़ा कि दोनों ओर से पथराव हुआ और पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था।
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घटना में पुलिस की ओर महिला दरोगा शिखा सिंह समेत 42 और वकीलों के पक्ष से महामंत्री हिसालबारी, रितेश मिश्रा समेत 17 लोग घायल होकर जिला अस्पताल में अपना मेडिकल कराया लेकिन किसी के द्वारा रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है। उधर घटना की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अधिवक्ता रितेश मिश्रा को जिलाबार एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश अग्निहोत्री ने हड़ताल खत्म कराई।
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जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच करने की जिम्मेदारी एडीएम न्यायिक से कराने के आदेश दिए हैं।