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सीबीआई ने एएनएम व फार्मासिस्ट के दर्ज किए बयान
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:32 PM IST
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सीबीआई ने एएनएम व फार्मासिस्ट से की पूछताछ, बयान दर्ज
बाराबंकी। एनआरएचएम के तहत खरीदी गई दवाओं का घोटाला उजागर होने की शिकायत शासन स्तर पर होने के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। पिछले तीन दिन से लगातार सीबीआई मामले की जांच के लिए जिले में डेरा डाले हुए है। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में सीबीआई इंस्पेक्टर गौरव सोम ने तत्कालीन सभी सीएचसी पर तैनात एएनएम व फार्मासिस्टों के बयान दर्ज किए।
मंगलवार सुबह 9 बजे सीएमओ कार्यालय के एनआरएचएम कक्ष के कमरा नंबर 9 में सीबीआई अधिकारी गौरव सोम पहुंच गए। वर्ष 2010-11 में लगभग 30 लाख रुपये की एल्बेंडाजॉल, आयरन, फोलिक ऐसिड दवाओं की खरीद टेंडर के बजाए कोटेशन से खरीदी गई थी। दवाओं के बिल सीआई लेबोरटीज कोलकाता की फर्म के नाम पर भुगतान कराया गया था। नियम के विपरीत दवाओं की खरीद व कितनी दवाओं की आपूर्ति व वितरण की जांच ने तेजी पकड़ी है। पूछताछ के लिए पूर्व में नोटिस जारी कर फार्मासिस्ट व एएनएम को बारी बारी बुलाया गया। जिसमें सीएचसी से राजदेव फार्मासिस्ट, देवमती व सतीश शर्मा एएनएम से पूछताछ शुरू हुई। उसके बाद हैदरगढ़ में तैनात रहे द्वारिका प्रसाद अवस्थी जो मौजूदा समय में सीतापुर में तैनात हैं व सेवामुक्त हो चुके चीफ फार्मासिस्ट डीके सिंह से पूछताछ हुई। वहीं सूरतगंज सीएचसी पर आज भी तैनात फार्मासिस्ट धनंजय सिंह के स्थान पर एहतिशाम चीफ फार्मासिस्ट को भेज दिया गया। अधिकारी ने उनके बयान लेने से मना करते हुए वापस कर दिया। उसके बाद घुंघटेर सीएचसी में तैनात एएनएम कृष्णअम्मा व कुसुम सिंह को बुलाया गया।
सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि, दवाओं की खरीद का भौतिक सत्यापन करने के लिए सीबीआई इंस्पेक्टर मंगलवार को आए थे। उन्होंने एएनएम और फार्मासिस्टों के बयान दर्ज किए हैं।
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बाराबंकी। एनआरएचएम के तहत खरीदी गई दवाओं का घोटाला उजागर होने की शिकायत शासन स्तर पर होने के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। पिछले तीन दिन से लगातार सीबीआई मामले की जांच के लिए जिले में डेरा डाले हुए है। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में सीबीआई इंस्पेक्टर गौरव सोम ने तत्कालीन सभी सीएचसी पर तैनात एएनएम व फार्मासिस्टों के बयान दर्ज किए।
मंगलवार सुबह 9 बजे सीएमओ कार्यालय के एनआरएचएम कक्ष के कमरा नंबर 9 में सीबीआई अधिकारी गौरव सोम पहुंच गए। वर्ष 2010-11 में लगभग 30 लाख रुपये की एल्बेंडाजॉल, आयरन, फोलिक ऐसिड दवाओं की खरीद टेंडर के बजाए कोटेशन से खरीदी गई थी। दवाओं के बिल सीआई लेबोरटीज कोलकाता की फर्म के नाम पर भुगतान कराया गया था। नियम के विपरीत दवाओं की खरीद व कितनी दवाओं की आपूर्ति व वितरण की जांच ने तेजी पकड़ी है। पूछताछ के लिए पूर्व में नोटिस जारी कर फार्मासिस्ट व एएनएम को बारी बारी बुलाया गया। जिसमें सीएचसी से राजदेव फार्मासिस्ट, देवमती व सतीश शर्मा एएनएम से पूछताछ शुरू हुई। उसके बाद हैदरगढ़ में तैनात रहे द्वारिका प्रसाद अवस्थी जो मौजूदा समय में सीतापुर में तैनात हैं व सेवामुक्त हो चुके चीफ फार्मासिस्ट डीके सिंह से पूछताछ हुई। वहीं सूरतगंज सीएचसी पर आज भी तैनात फार्मासिस्ट धनंजय सिंह के स्थान पर एहतिशाम चीफ फार्मासिस्ट को भेज दिया गया। अधिकारी ने उनके बयान लेने से मना करते हुए वापस कर दिया। उसके बाद घुंघटेर सीएचसी में तैनात एएनएम कृष्णअम्मा व कुसुम सिंह को बुलाया गया।
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सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि, दवाओं की खरीद का भौतिक सत्यापन करने के लिए सीबीआई इंस्पेक्टर मंगलवार को आए थे। उन्होंने एएनएम और फार्मासिस्टों के बयान दर्ज किए हैं।
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