{"_id":"59bc20f44f1c1b27688b4cc1","slug":"201505501428-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ से बेघर हुए पीड़ितों को नही मिला मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ से बेघर हुए पीड़ितों को नही मिला मुआवजा
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। बाढ़ की विभीषिका में अपने आशियाने खो चुके बाढ़ पीड़ित प्रशासन की अनदेखी के चलते खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद पीड़ितों को मुआवजा न देने में तहसील प्रशासन की लापरवाही साफ दिख रही है। यही कारण है कि बाढ़ की विभीषिका समाप्त होने के बाद भी पीड़ितों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
जिले की सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील प्रशासन की रिपोर्ट को मानें तो अब तक हुए सर्वे के मुताबिक 2782 लोगों की झोपड़ी व मकान क्षतिग्रस्त हो गए, मगर उनको मिलने वाले मुआवजा राशि की एक कौड़ी भी नहीं मिली। जबकि जिलाधिकारी ने एसडीएम को पत्र भेजकर बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल मुआवजे की रकम देने के आदेश दिए थे। जिसमें कहा गया था कि हलका लेखपाल बाढ़ में डूबे मकान व झोपड़ी की फोटो लेकर पीड़ितों के खाते में धनराशि भेज दें। आपदा विभाग द्वारा झोपड़ी क्षतिग्रस्त होने वाले पीड़ितों के खाते में 4100 रुपये, कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने पर 3200 रुपये व पक्के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 5200 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। अब तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक सिरौलीगौसपुर तहसील में 2397 झोपड़ी, रामसनेहीघाट में 352 झोपड़ी व पक्के तीन मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इसी क्रम में 30 झोपड़ी रामनगर तहसील में भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं।
विज्ञापन
जिले की सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील प्रशासन की रिपोर्ट को मानें तो अब तक हुए सर्वे के मुताबिक 2782 लोगों की झोपड़ी व मकान क्षतिग्रस्त हो गए, मगर उनको मिलने वाले मुआवजा राशि की एक कौड़ी भी नहीं मिली। जबकि जिलाधिकारी ने एसडीएम को पत्र भेजकर बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल मुआवजे की रकम देने के आदेश दिए थे। जिसमें कहा गया था कि हलका लेखपाल बाढ़ में डूबे मकान व झोपड़ी की फोटो लेकर पीड़ितों के खाते में धनराशि भेज दें। आपदा विभाग द्वारा झोपड़ी क्षतिग्रस्त होने वाले पीड़ितों के खाते में 4100 रुपये, कच्चा मकान क्षतिग्रस्त होने पर 3200 रुपये व पक्के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 5200 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। अब तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक सिरौलीगौसपुर तहसील में 2397 झोपड़ी, रामसनेहीघाट में 352 झोपड़ी व पक्के तीन मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इसी क्रम में 30 झोपड़ी रामनगर तहसील में भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं।
विज्ञापन