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बिना परीक्षा दिए लेखपालों को मिलेगी तैनाती
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:49 AM IST
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बिना परीक्षा दिए लेखपालों को मिलेगी तैनाती
बाराबंकी। प्रशिक्षण प्राप्त लेखपालों की परीक्षा कराए बिना ही तहसीलों में तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब एक साल से यह लेखपाल बिना कार्य के ही वेतन ले रहे हैं। अब राजस्व परिषद सचिव के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इनकी तैनाती को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को ही मिले आदेश में ट्रेनिंग के बाद होने वाली परीक्षा नियुक्ति के बाद कराने को कहा गया है।
जिले में तत्कालीन जिलाधिकारी अजय यादव ने 223 लेखपालों को जून 2016 में नियुक्ति पत्र जारी किए थे। लेकिन इनमें से 212 ने ही कार्य भार ग्रहण किया। 11 लेखपाल कार्यभार ग्रहण करने ही नहीं आए। नियुक्ति पाने के कुछ माह बाद इनका प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया। तब से लेकर अभी तक इनका प्रशिक्षण ही चल रहा था। इस अवधि में तैनाती पाए लेखपालों से किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं लिया गया, लेकिन पगार हर माह दी जा रही थी। बताते हैं कि यह प्रशिक्षण लेखपालों को तहसील सभागार और जनेस्मा के हाल में दिलाया जा रहा है, पर हकीकत इससे इतर है। लेकिन इनकी परीक्षा आज तक नहीं कराई गई। अब बिना परीक्षा कराए ही इन्हें तैनाती दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इंसेट
प्रशिक्षण के नाम पर मात्र औपचारिकता
तहसील सभागार और जनेस्मा में लेखपालों को प्रशिक्षण दिलाने की बात कही जा रही है। जबकि हकीकत यह है कि उद्घाटन के बाद से आज तक तैनाती पाए किसी भी लेखपाल को तहसील और जनेस्मा में प्रशिक्षण लेेते हुए नहीं देखा गया। सूत्रों का कहना है कि प्रशिक्षण के नाम पर महज औपचारिकता ही निभाई गई।
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बाराबंकी। प्रशिक्षण प्राप्त लेखपालों की परीक्षा कराए बिना ही तहसीलों में तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब एक साल से यह लेखपाल बिना कार्य के ही वेतन ले रहे हैं। अब राजस्व परिषद सचिव के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इनकी तैनाती को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को ही मिले आदेश में ट्रेनिंग के बाद होने वाली परीक्षा नियुक्ति के बाद कराने को कहा गया है।
जिले में तत्कालीन जिलाधिकारी अजय यादव ने 223 लेखपालों को जून 2016 में नियुक्ति पत्र जारी किए थे। लेकिन इनमें से 212 ने ही कार्य भार ग्रहण किया। 11 लेखपाल कार्यभार ग्रहण करने ही नहीं आए। नियुक्ति पाने के कुछ माह बाद इनका प्रशिक्षण शुरू करा दिया गया। तब से लेकर अभी तक इनका प्रशिक्षण ही चल रहा था। इस अवधि में तैनाती पाए लेखपालों से किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं लिया गया, लेकिन पगार हर माह दी जा रही थी। बताते हैं कि यह प्रशिक्षण लेखपालों को तहसील सभागार और जनेस्मा के हाल में दिलाया जा रहा है, पर हकीकत इससे इतर है। लेकिन इनकी परीक्षा आज तक नहीं कराई गई। अब बिना परीक्षा कराए ही इन्हें तैनाती दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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प्रशिक्षण के नाम पर मात्र औपचारिकता
तहसील सभागार और जनेस्मा में लेखपालों को प्रशिक्षण दिलाने की बात कही जा रही है। जबकि हकीकत यह है कि उद्घाटन के बाद से आज तक तैनाती पाए किसी भी लेखपाल को तहसील और जनेस्मा में प्रशिक्षण लेेते हुए नहीं देखा गया। सूत्रों का कहना है कि प्रशिक्षण के नाम पर महज औपचारिकता ही निभाई गई।
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