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सिानों पर भारी पड़ रही एफसीआई की लापरवाही
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:33 AM IST
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किसानों पर भारी पड़ रही एफसीआई की लापरवाही
- चावल अनलोड न होने से क्रय केंद्रों पर डंप हो रहा धान
- उठान न होने से प्रभावित हो रही धान की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। धान खरीद में एफसीआई द्वारा बरती जा रही लापरवाही किसानों पर भारी पड़ने लगी है। गोदामों पर भेजा गया चावल मानकविहीन बता ट्रकों से अनलोड न किए जाने की वजह से क्रय केंद्रों पर खरीदा गया धान डंप होता जा रहा है। जिससे धान की खरीद प्रभावित होने लगी है।
जिले में अब तक 22 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें में कुटान के लिए अभी तक महज 14 हजार एमटी धान की उठान ही की जा सकी है। उठाए गए धान से तैयार किए चावल को एफसीआई के गोदामों पर मानकविहीन बताकर नहीं उतारा जा रहा है। जिससे चावल लदे ट्रक कई दिनों तक गोदामों के बाहर खड़े रहते हैं। चावल की अनलोडिंग न होने से मिलर्स क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं कर रहे हैं जिसकी वजह से क्रय केंद्रों पर धान डंप होता जा रहा है। अभी तक महज 13 सौ एमटी ही धान एफसीआई ने लिया है। वहीं क्रय केंद्र प्रभारी जगह न होने की बात कहकर किसानों का धान नहीं तौल रहे हैं जिससे धान की खरीद पर इसका विपरीत असर पड़ने लगा है। जबकि किसान अपना धान तौलाने के लिए क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहा है लेकिन उसके धान की तौल नहीं हो पा रही है। धान की तौल न होनेे की वजह से क्रय केंद्रों प्रभारियों और किसानों में इसको लेकर तकरार तक होने लगी है। लेकिन आला अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जिले में अब तक 55 क्रय केंद्रों के माध्यम से 22 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। लेकिन एफसीआई सरकारी धान से तैयार चावल को मानक विहीन बताकर ट्रकों को अनलोड नहीं कर रही है। जिसकी वजह से मिलर्स क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं कर रहे हैं यहीं कारण है कि इस विपरीत असर धान की खरीद पर पड़ने लगा है।
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- प्रभाकांत द्विवेदी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
एफसीआई के जो मानक हैं उसके अनुसार जितना भी चावल ट्रकों के माध्यम से गोदामों पर भेजा जाता है उसे अनलोड करा लिया जाता है। धान खरीद पर इसका विपरीत असर न पड़े इसके लिए सभी गोदाम प्रभारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं ट्रक अनलोड नहीं किया जाता है जो मानक के अनुरूप नहीं होता है।
- विनय कुमार, प्रबंधक धान खरीद, एफसीआई
सरकारी धान से चावल की रिकवरी 62 से 63 प्रतिशत तक है जबकि कि सरकार ने मानक 67 प्रतिशत का निर्धारित कर रखा है। लेकिन इससे तैयार चावल को एफसीआई के गोदामों में मानक विहीन बता नहीं उतारा जा रहा है। यदि तैयार चावल की गुणवता को मिल पर ही जांच लिया जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो जाएगा और धान की उठान में तेजी आएगी।
- दिनेश कुमार वर्मा, अध्यक्ष राइस मिलर्स एसोसिएशन
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- चावल अनलोड न होने से क्रय केंद्रों पर डंप हो रहा धान
- उठान न होने से प्रभावित हो रही धान की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। धान खरीद में एफसीआई द्वारा बरती जा रही लापरवाही किसानों पर भारी पड़ने लगी है। गोदामों पर भेजा गया चावल मानकविहीन बता ट्रकों से अनलोड न किए जाने की वजह से क्रय केंद्रों पर खरीदा गया धान डंप होता जा रहा है। जिससे धान की खरीद प्रभावित होने लगी है।
जिले में अब तक 22 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें में कुटान के लिए अभी तक महज 14 हजार एमटी धान की उठान ही की जा सकी है। उठाए गए धान से तैयार किए चावल को एफसीआई के गोदामों पर मानकविहीन बताकर नहीं उतारा जा रहा है। जिससे चावल लदे ट्रक कई दिनों तक गोदामों के बाहर खड़े रहते हैं। चावल की अनलोडिंग न होने से मिलर्स क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं कर रहे हैं जिसकी वजह से क्रय केंद्रों पर धान डंप होता जा रहा है। अभी तक महज 13 सौ एमटी ही धान एफसीआई ने लिया है। वहीं क्रय केंद्र प्रभारी जगह न होने की बात कहकर किसानों का धान नहीं तौल रहे हैं जिससे धान की खरीद पर इसका विपरीत असर पड़ने लगा है। जबकि किसान अपना धान तौलाने के लिए क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहा है लेकिन उसके धान की तौल नहीं हो पा रही है। धान की तौल न होनेे की वजह से क्रय केंद्रों प्रभारियों और किसानों में इसको लेकर तकरार तक होने लगी है। लेकिन आला अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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जिले में अब तक 55 क्रय केंद्रों के माध्यम से 22 हजार एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। लेकिन एफसीआई सरकारी धान से तैयार चावल को मानक विहीन बताकर ट्रकों को अनलोड नहीं कर रही है। जिसकी वजह से मिलर्स क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं कर रहे हैं यहीं कारण है कि इस विपरीत असर धान की खरीद पर पड़ने लगा है।
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- प्रभाकांत द्विवेदी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
एफसीआई के जो मानक हैं उसके अनुसार जितना भी चावल ट्रकों के माध्यम से गोदामों पर भेजा जाता है उसे अनलोड करा लिया जाता है। धान खरीद पर इसका विपरीत असर न पड़े इसके लिए सभी गोदाम प्रभारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं ट्रक अनलोड नहीं किया जाता है जो मानक के अनुरूप नहीं होता है।
- विनय कुमार, प्रबंधक धान खरीद, एफसीआई
सरकारी धान से चावल की रिकवरी 62 से 63 प्रतिशत तक है जबकि कि सरकार ने मानक 67 प्रतिशत का निर्धारित कर रखा है। लेकिन इससे तैयार चावल को एफसीआई के गोदामों में मानक विहीन बता नहीं उतारा जा रहा है। यदि तैयार चावल की गुणवता को मिल पर ही जांच लिया जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो जाएगा और धान की उठान में तेजी आएगी।
- दिनेश कुमार वर्मा, अध्यक्ष राइस मिलर्स एसोसिएशन