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12 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

Sun, 17 Jul 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sun, 17 Jul 2016 11:24 PM IST
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12 villages tandem flood threat
घाघरा ऊफान पर - फोटो : अमर उजाला
घाघरा नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी शनिवार को ही खतरे का निशान पार कर गया था। लेकिन रविवार को यह खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर पहुंच गया है।
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यही नहीं नदी का जलस्तर एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यही हाल रहा तो तराई के एक दर्जन से अधिक गांवों तक पानी पहुंच जाएगा। वहीं घाघरा में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर ने तराई वासियों की रातों की नींद हराम कर दी है।
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घाघरा नदी का पानी बढ़ने से जो गांव पहले बाढ़ की चपेट में आते हैं वहां के लोगों में अभी से खौफ बन गया है। यहां के लोगों का कहना है कि नदी का पानी किसी भी समय गांव को अपनी चपेट में ले सकता है।
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इसलिए पहले की नदी का पानी गांव तक पहुंचे खाने पीने का सारा सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। हम लोग भी किसी भी समय गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएंगे। वैसे भी नदी के पानी से तीन गांवों में पहले से ही भरा हुआ है। यहां के लोग किसी तरह से बंधे पर परिवारीजनों के साथ अपना जीवन गुजार रहे हैं।

गनेशपुर प्रतिनिधि के अनुसार नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.336 से भी ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिस तेजी से घाघरा नदी का पानी बढ़ रहा है उससे यह प्रभावित इलाके के कम से कम एक दर्जन से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लेगा। 

इन गांवों पर खतरा
परसवाल, नैपुरा और रायपुर गांवों में पहले से ही नदी का पानी पहुंच गया है। यहां के लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। नदी के पानी में कचनापुर का विद्यालय पहले ही समा चुका है। नदी का जलस्तर बढ़ने से अब प्रभावित क्षेत्र सिरौलीगौसपुर के ढेमा, टेपरा, रामपुर, तेलवारी, गोबरहा, इटहुआ पूरब, कोठरी गौरिया, सुबेदार का पुरवा, अतरसुइया, सेमरी, गोपी पुरवा आदि चपेट में आ सकते हैं। 

10 बीघा फसल डूबी
सूरतगंज क्षेत्र के चौधरी पुरवा, माधवपुरवा, तिवारी पुरवा, गायघाट, बिछला, पांडेयपुरवा और सुमिरन पुरवा गांव तक घाघरा नदी का पानी पहुंच गया है। नदी के पानी किसानों के करीब 10 बीघे खेत में पूरी तरह से भर गया है जिससे इसमें लगी फसल भी डूब गई है।

नहीं पहुंची राहत
टिकैतनगर (बाराबंकी)। ग्रामीण महादेव ने बताया कि यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो हमारे गांव में भी बाढ़ आ जाएगी। लोगो ने अपने-अपने समान व घर से निकलने की पूरी तैयारी कर रखी है। उधर चरसड़ी तटबंध पर रह रहे लोगों की स्थिति दयनीय है। एक तरफ घाघरा ने उनको घरों से बेघर कर दिया। दूसरी ओर हो रही बारिश इनको और परेशान कर रही है।

बारिश के चलते छप्परनुमा मकानों के बाहर जलते चूल्हे बुझ जाते हैं। यहां के लोग किसी तरह रूखा-सूखा खाकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से न तो कोई राहत सामग्री इनको उपलब्ध करायी गई है। और न ही बारिश से बचने के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था की गयी। 


नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। यह खतरे के निशान से करीब 26 सेमी ऊपर पहुंच गया है। प्रभावित क्षेत्र के तीन गांवों को छोड़ दिया जाए तो अभी किसी भी गांव में पानी नहीं पहुंचा है। बाढ़ चौकियों पर तैनात राजस्व कर्मी पूरी तरह से मुस्तैद है बाढ़ से निपटने के प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। -हरिकेश चौरसिया, एडीएम
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