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Barabanki News: सरयू में समाई 100 बीघा जमीन, कटान के मुहाने पर गुनौली व गोठरी गांव, ग्रामीणों में दहशत
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गांवों में कटान करती सरयू नदी।
- फोटो : गांवों में कटान करती सरयू नदी।
बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के निकट पहुंचकर रविवार के स्थिर हो गया, लेकिन कई तटवर्ती गांवों में कटान जारी है। पूरेडलई ब्लॉक के गुनौली व कोठरी गांव की करीब 100 बीघा जमीन कट गई। दोनों गांव अब कटान के मुहाने पर हैं। गुनौली में एक घर नदी में रविवार को कट गया। रामनगर, सूरतगंज व सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में भी कटान हो रहा है, जिसे रोकने के लिए कोई प्रभावी इंतजाम नहीं हो पाया है।
टिकैतनगर प्रतिनिधि के मुताबिक, ग्राम गुनौली व कोठरी गौरिया के मजरे सूबेदार पुरवा व कोठरी में नदी की धार अचानक कटान करते हुए आबादी क्षेत्र तक पहुंच गई है। कटान के मुहाने पर पूरा कोठरी गांव आ गया है। गांव के भूलन राना, राकेश राना, कमलेश, देवी प्रसाद तिवारी, अरविंद तिवारी, रन बहादुर व मुन्ना आदि के खेतों में कटान हो रहा है। इनके घरों के किनारे तक नदी पहुंच गई है। ग्रामीण कटान की गति देखकर लोग भयभीत हैं। कई लोगों ने गांव छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। गुनौली गांव में अन्नी का घर नदी में समा चुका है। तुलसीराम, काली प्रसाद, शिव बहादुर, दान बहादुर, रामकरण, दशरथ, पिंकू सिंह, सुखदेव, नंदलाल, भगवान व कन्हैया आदि ग्रामीणों की करीब सौ बीघे से अधिक जमीन नदी निगल चुकी है। पूरे गांव के अस्तित्व पर संकट है। सूरतगंज ब्लॉक के हमेतमापुर के निकट बेलहरा व बिझला गांव के पास भी कटान रहा है।
कोटवाधाम प्रतिनिधि के मुताबिक, सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कहरान पुरवा और टेपरा गांव एक बार फिर कटान के मुहाने पर आ गए हैं। कटान रोकने के लिए लगाए गए परक्यूपाइन पानी में डूब गए हैं। गुरुप्रसाद, सतनाम, रामू, विजयी व श्रीचंद्र आदि ने बताया कि खेतों को काटते हुए नदी गांव तक आ पहुंची है। कटान से बचाव के लिए किए गए इंतजाम फेल हैं। वहीं बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह का कहना है कि गांवों में कटान रोकने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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पहाड़ी इलाकों में बारिश से उफान पर नदी
रामनगर प्रतिनिधि के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश की वजह से सरयू नदी उफान पर है। पिछले 24 घंटे में तेजी के साथ नदी का जलस्तर बढ़ा और रविवार शाम वार्निंग लेवल से 71 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार शाम पांच बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर 105.780 मीटर दर्ज किया गया, जो वार्निंग लेवल 105.070 मीटर से 71 सेंटीमीटर ऊपर है। फिलहाल अभी खतरे का निशान 29 सेंटीमीटर दूर है। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। रामनगर तहसील में तीन बाढ़ चौकी, गोताखोर, नाव, नाविक व खाद्यान्न की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रहीं है। बाढ़ से बचाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नाविक और गोताखोरों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
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टिकैतनगर प्रतिनिधि के मुताबिक, ग्राम गुनौली व कोठरी गौरिया के मजरे सूबेदार पुरवा व कोठरी में नदी की धार अचानक कटान करते हुए आबादी क्षेत्र तक पहुंच गई है। कटान के मुहाने पर पूरा कोठरी गांव आ गया है। गांव के भूलन राना, राकेश राना, कमलेश, देवी प्रसाद तिवारी, अरविंद तिवारी, रन बहादुर व मुन्ना आदि के खेतों में कटान हो रहा है। इनके घरों के किनारे तक नदी पहुंच गई है। ग्रामीण कटान की गति देखकर लोग भयभीत हैं। कई लोगों ने गांव छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। गुनौली गांव में अन्नी का घर नदी में समा चुका है। तुलसीराम, काली प्रसाद, शिव बहादुर, दान बहादुर, रामकरण, दशरथ, पिंकू सिंह, सुखदेव, नंदलाल, भगवान व कन्हैया आदि ग्रामीणों की करीब सौ बीघे से अधिक जमीन नदी निगल चुकी है। पूरे गांव के अस्तित्व पर संकट है। सूरतगंज ब्लॉक के हमेतमापुर के निकट बेलहरा व बिझला गांव के पास भी कटान रहा है।
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कोटवाधाम प्रतिनिधि के मुताबिक, सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कहरान पुरवा और टेपरा गांव एक बार फिर कटान के मुहाने पर आ गए हैं। कटान रोकने के लिए लगाए गए परक्यूपाइन पानी में डूब गए हैं। गुरुप्रसाद, सतनाम, रामू, विजयी व श्रीचंद्र आदि ने बताया कि खेतों को काटते हुए नदी गांव तक आ पहुंची है। कटान से बचाव के लिए किए गए इंतजाम फेल हैं। वहीं बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह का कहना है कि गांवों में कटान रोकने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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पहाड़ी इलाकों में बारिश से उफान पर नदी
रामनगर प्रतिनिधि के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश की वजह से सरयू नदी उफान पर है। पिछले 24 घंटे में तेजी के साथ नदी का जलस्तर बढ़ा और रविवार शाम वार्निंग लेवल से 71 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार शाम पांच बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर 105.780 मीटर दर्ज किया गया, जो वार्निंग लेवल 105.070 मीटर से 71 सेंटीमीटर ऊपर है। फिलहाल अभी खतरे का निशान 29 सेंटीमीटर दूर है। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। रामनगर तहसील में तीन बाढ़ चौकी, गोताखोर, नाव, नाविक व खाद्यान्न की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रहीं है। बाढ़ से बचाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नाविक और गोताखोरों को भी सक्रिय कर दिया गया है।