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युवा किसान ने की खुदकुशी
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बांदा। घर में युवा किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन घटना की वजह धान की फसल चौपट होना और पिता के कर्ज की अदायगी का तनाव बता रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव का मजरा पांडिन पुरवा निवासी रामबली का पुत्र रामरुचि (22) ने मंगलवार की शाम घर के ऊपर कमरे में रस्सी से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद भतीजा योगेश ऊपर छत में खेलने गया तो उसने रामरुचि का शव फंदे पर लटका देखा। तुरंत नीचे आकर घरवालों को जानकारी दी।
परिजनों ने जीवित होने की संभावना पर हंसिया से फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि घर के सभी लोग नीचे थे और रामरुचि सोने की बात कहकर ऊपर कमरे में गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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चचेरे भाई शिवकरन ने बताया कि रामरुचि अविवाहित था। उसके नाम पांच बीघा जमीन है। पिता के चलने-फिरने में असमर्थ होने से रामरुचि खुद खेतीबाड़ी करता था। बताया कि धान की फसल पानी के अभाव में बर्बाद हो गई है। इससे वह बेहद परेशान था। दूसरी तरफ पिता के केसीसी कर्ज अदायगी की भी चिंता थी। इसी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। बंटवारे के बाद उसके दो भाई अलग रहते हैं।
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मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव का मजरा पांडिन पुरवा निवासी रामबली का पुत्र रामरुचि (22) ने मंगलवार की शाम घर के ऊपर कमरे में रस्सी से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद भतीजा योगेश ऊपर छत में खेलने गया तो उसने रामरुचि का शव फंदे पर लटका देखा। तुरंत नीचे आकर घरवालों को जानकारी दी।
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परिजनों ने जीवित होने की संभावना पर हंसिया से फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि घर के सभी लोग नीचे थे और रामरुचि सोने की बात कहकर ऊपर कमरे में गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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चचेरे भाई शिवकरन ने बताया कि रामरुचि अविवाहित था। उसके नाम पांच बीघा जमीन है। पिता के चलने-फिरने में असमर्थ होने से रामरुचि खुद खेतीबाड़ी करता था। बताया कि धान की फसल पानी के अभाव में बर्बाद हो गई है। इससे वह बेहद परेशान था। दूसरी तरफ पिता के केसीसी कर्ज अदायगी की भी चिंता थी। इसी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। बंटवारे के बाद उसके दो भाई अलग रहते हैं।