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यमुना खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर
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बांदा। चिल्ला घाट में यमुना नदी सोमवार को तीसरे दिन भी खतरे के निशान से ऊपर बहती रही। दर्जनों गांव प्रभावित रहे। उधर, गंगऊ और बरियारपुर बांधों में पानी डिस्चार्ज में लगातार कमी से केन का जल स्तर और कम हो गया है। यह खतरे के निशान से चार मीटर नीचे आ गई है।
यमुना नदी में बाढ़ बरकरार है। हालांकि बहाव भी तेज है। चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक सोमवार की शाम चिल्ला घाट में नदी का जल स्तर खतरे के निशान 100 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर था।
उधर, केंद्रीय जल आयोग बाढ़ एवं पूर्वानुमान अनुभाग द्वारा जारी बुलेटिन में मंगलवार से यमुना नदी का जल स्तर स्थिर होने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, दर्जनों गांवों में अभी भी यातायात बंद पड़ा है। नाव से ही आवागमन हो रहा है। सैकड़ों बीघा खेत डूब गए हैं। उनमें बोई फसल चौपट हुई है। उधर, सोमवार को गंगऊ बांध की क्रस्टवाल से केन नदी में 37,920 और बरियारपुर बांध से 31,488 क्यूसिक पानी केन नदी में गिरता रहा।
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यमुना नदी में बाढ़ बरकरार है। हालांकि बहाव भी तेज है। चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक सोमवार की शाम चिल्ला घाट में नदी का जल स्तर खतरे के निशान 100 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर था।
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उधर, केंद्रीय जल आयोग बाढ़ एवं पूर्वानुमान अनुभाग द्वारा जारी बुलेटिन में मंगलवार से यमुना नदी का जल स्तर स्थिर होने का पूर्वानुमान जताया है। उधर, दर्जनों गांवों में अभी भी यातायात बंद पड़ा है। नाव से ही आवागमन हो रहा है। सैकड़ों बीघा खेत डूब गए हैं। उनमें बोई फसल चौपट हुई है। उधर, सोमवार को गंगऊ बांध की क्रस्टवाल से केन नदी में 37,920 और बरियारपुर बांध से 31,488 क्यूसिक पानी केन नदी में गिरता रहा।
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