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यादे गालिब : तमन्ना है तुझे अपना बनाने की
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यादगारे गालिब जश्न मंच पर शेर पढ़ते आगरा के शायर अनवर आलम।
- फोटो : संवाद
बांदा। ‘मोहब्बत मिट नहीं सकती न कोशिश कर मिटाने की, मेरे दिल की तमन्ना है तुझे अपना बनाने की’। उर्दू और फारसी के महान शायर मिर्जा असदउल्ला बेग खां ‘गालिब’ के इस शेर को बांदा के बाशिंदों ने दिलों में बसाकर अमली जामा पहना दिया है। बांदा में गालिब की आमद और छह माह के ठहराव ने यह चाहत और परवान चढ़ा दी।
शुक्रवार की रात शहर के तुलसी स्वरूप सभागार में गालिब की 227 वीं जयंती और बांदा आमद की 197 वीं सालगिरह पर मुशायरा और कवि सम्मेलन का मिलाजुला आयोजन हुआ। जश्न के मेजबान और संयोजक डॉ. शेख सादी जमां थे, जिनके बलखंडी नाका स्थित पुश्तैनी आवास (कोठी बैरिस्टर साहब ) में गालिब ने 1827 ईस्वी में 6 माह बतौर मेहमान गुजारे और जमा खानदान के पुरखों ने उनकी मेहमाननवाजी की थी।
मंच पर कई बाहरी व मुकामी शायरों व कवियों का जमघट रहा। सभी ने अपने-अपने अंदाजे बयां से गालिब का बखान किया और दीगर कलाम व गजल पेश की । शुरुआत शायर डॉ. इजहार खालिद ने गालिब के कुछ चुनिंदा शेर और गजल सुनाकर की।शायरों में अनवर अमान (आगरा), अफजल इलाहाबादी (प्रयागराज) , डॉ. मो. शाहिद खां (फतेहपुर) , खुशबू (रामपुर), शिवम (हथगाम), जीरो बांदवी (फिरोजाबाद) सहित स्थानीय शायर शमीम बांदवी, रईस अब्बा , अनुराग विश्वकर्मा, तारिक अजीज, फखरे आलम आदि ने गालिब को अपने कलामों से पेश किया। वरिष्ठ सपा नेता और जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखन सिंह (पारा) ने गालिब का जीवन परिचय कराया। वरिष्ठ शायर उबैदुर्रहमान (डीएसओ बांदा) ने सदारत और नजरे आलम (बांदवी ) निजामत (संचालन) किया। संयोजक डाॅ. शेख सादी जमां (मुतवल्ली ईदगाह व नवाबी जामा मस्जिद) ने सभी का स्वागत करते हुए शुक्रिया अदा किया। आयोजन समिति के शोभा राम कश्यप, सैयद अहमद मगरबी, मुजीब खां सहित जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित, सेंट मेरीज प्रिंसिपल, भाजपा नेता आरिफ खां, कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज सिंह सहित बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर एडीएम राजेश कुमार व अमिताभ यादव, मन मोहन वर्मा, एसडीएम इरफान उल्ला खां, पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, मेडिकल काॅलेज प्रधानाचार्य डा. एसके कौशल, भाजपा पूर्व अध्यक्ष राजेश द्विवेदी, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज व अशोक अवस्थी, तिरंगा समिति के शोभाराम कश्यप, व्यापारी नेता मनोज जैन, डाक अधीक्षक जीए खान ने किया।
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शुक्रवार की रात शहर के तुलसी स्वरूप सभागार में गालिब की 227 वीं जयंती और बांदा आमद की 197 वीं सालगिरह पर मुशायरा और कवि सम्मेलन का मिलाजुला आयोजन हुआ। जश्न के मेजबान और संयोजक डॉ. शेख सादी जमां थे, जिनके बलखंडी नाका स्थित पुश्तैनी आवास (कोठी बैरिस्टर साहब ) में गालिब ने 1827 ईस्वी में 6 माह बतौर मेहमान गुजारे और जमा खानदान के पुरखों ने उनकी मेहमाननवाजी की थी।
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मंच पर कई बाहरी व मुकामी शायरों व कवियों का जमघट रहा। सभी ने अपने-अपने अंदाजे बयां से गालिब का बखान किया और दीगर कलाम व गजल पेश की । शुरुआत शायर डॉ. इजहार खालिद ने गालिब के कुछ चुनिंदा शेर और गजल सुनाकर की।शायरों में अनवर अमान (आगरा), अफजल इलाहाबादी (प्रयागराज) , डॉ. मो. शाहिद खां (फतेहपुर) , खुशबू (रामपुर), शिवम (हथगाम), जीरो बांदवी (फिरोजाबाद) सहित स्थानीय शायर शमीम बांदवी, रईस अब्बा , अनुराग विश्वकर्मा, तारिक अजीज, फखरे आलम आदि ने गालिब को अपने कलामों से पेश किया। वरिष्ठ सपा नेता और जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखन सिंह (पारा) ने गालिब का जीवन परिचय कराया। वरिष्ठ शायर उबैदुर्रहमान (डीएसओ बांदा) ने सदारत और नजरे आलम (बांदवी ) निजामत (संचालन) किया। संयोजक डाॅ. शेख सादी जमां (मुतवल्ली ईदगाह व नवाबी जामा मस्जिद) ने सभी का स्वागत करते हुए शुक्रिया अदा किया। आयोजन समिति के शोभा राम कश्यप, सैयद अहमद मगरबी, मुजीब खां सहित जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित, सेंट मेरीज प्रिंसिपल, भाजपा नेता आरिफ खां, कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज सिंह सहित बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर एडीएम राजेश कुमार व अमिताभ यादव, मन मोहन वर्मा, एसडीएम इरफान उल्ला खां, पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, मेडिकल काॅलेज प्रधानाचार्य डा. एसके कौशल, भाजपा पूर्व अध्यक्ष राजेश द्विवेदी, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज व अशोक अवस्थी, तिरंगा समिति के शोभाराम कश्यप, व्यापारी नेता मनोज जैन, डाक अधीक्षक जीए खान ने किया।