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हाईवे पर गलत ट्रक पार्किंग ने ले ली बेटे समेत पांच की जान
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मुशर्रफ अली। (फाइल फोटो)
- फोटो : BANDA
जरा सी चूक और जिंदगीभर का दर्द। सड़क पर हमारी-आपकी असावधानी या लापरवाही किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जरूरी है कि हम सभी पूरी सतर्कता के साथ वाहन चलाएं। खुद का और दूसरों का ख्याल रखें। आए दिन हादसे होते हैं तो कई बार अपनी तो कई बार दूसरों की गलती से। अक्सर हादसे जानलेवा साबित होते हैं। जाने वाले लोग अपने पीछे परिजनों के लिए छोड़ जाते हैं जीवनभर का दर्द। कई बार हादसों में लोग हाथ-पैर खो देते हैं और अपनी ही जिंदगी बोझ सी बन जाती है। हम आपको ऐसे ही कुछ लोगों की कहानियों से रूबरू कराएंगे, जो अपनी या दूसरों की गलती या लापरवाही का शिकार हुए। किस्त दर किस्त हम उनके संदेश और दर्द आप तक पहुंचाएंगे-
बांदा। सड़क हादसों में आए दिन कोई न कोई अपनों को खो रहा है। कोई घायल होकर जीवन भर के लिए दुख और दर्द सह रहा है। सड़क हादसे में अपने जवान अविवाहित बेटे को गंवा बैठे पिता नफीस और मां नूरी को मलाल है कि हाईवे पर अवैध रूप से ट्रक की पार्किंग न होती तो शायद उनका बेटा उनसे हमेशा के लिए जुदा न होता। तीन छोटी बहनों और एक छोटे भाई के सपने भी कार की एक टक्कर में चकनाचूर नहीं होते।
26 फरवरी के मनहूस दिन को याद कर मां-बाप और तीनों बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। इसी दिन उनका 22 वर्षीय बेटा व भाई मुशर्रफ अली जो इंटर का छात्र था, दोस्तों संग बरात में जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गया। उसके चार अन्य दोस्तों की भी मौत हो गई।
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सड़क पर चलते समय पूरी सतर्कता बरतें। ऐसी कोई गलती न करें जिससे आपका परिवार बिखर जाए। बांदा शहर के अलीगंज (हाथी खाना) निवासी ट्रक मैकेनिक नफीस अहमद बताते हैं कि उनके बेटे की कोई गलती नहीं थी। 26 फरवरी को दोस्त की बरात में कर्वी से उरई जा रहा था। एक्सयूवी में उसके पांच अन्य दोस्त भी थे।
बांदा शहर से करीब 7 किलोमीटर पहले बांदा-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर जमुनी पुरवा के पास सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े ट्रक से कार टकरा गई। उनके बेटे और चार दोस्तों की मौत हो गई। एक बुरी तरह जख्मी हुआ। उसका इलाज कानपुर में चल रहा है।
पिता नफीस के अलावा मां नूरी और स्नातक की पढ़ाई कर रहीं बहनों में अशकारा व अलशिफा और इंटर की अशफिया तथा 9वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक मात्र भाई दाउद अली अपने घर का चिराग बुझ जाने से बेहद गमजदा हैं। इन सभी को मुशर्रफ से काफी उम्मीदें थीं। शुक्रवार को हादसे का हाल बयां करते हुए यह सभी एक बार फिर रो पड़े।
मुशर्रफ के मां-बाप और बहनों ने जनपद के सभी बाशिंदों से अपील की कि जब भी सड़क पर चलें बहुत सावधानी बरतें। याद रखें कि घर-परिवार में लोग आपके इंतजार में हैं। नफीस और नूरी बोले- हमने अपना बेटा खोया है, लेकिन आप अपनों को न खोएं। हां यह भी याद रखें दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें और ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करें।
ट्रैफिक नियम पालन से रहेंगे सुरक्षित
पुलिस उपाधीक्षक नगर/यातायात राकेश कुमार सिंह का कहना है कि सड़क पर यातायात नियमों का पालन बहुत जरूरी है। जरा सी लापरवाही या चूक जानलेवा साबित हो सकती है या बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आप ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं तो दुर्घटना की आशंका न के बराबर रहती है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जीवन को सुरक्षित रखें।
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बांदा। सड़क हादसों में आए दिन कोई न कोई अपनों को खो रहा है। कोई घायल होकर जीवन भर के लिए दुख और दर्द सह रहा है। सड़क हादसे में अपने जवान अविवाहित बेटे को गंवा बैठे पिता नफीस और मां नूरी को मलाल है कि हाईवे पर अवैध रूप से ट्रक की पार्किंग न होती तो शायद उनका बेटा उनसे हमेशा के लिए जुदा न होता। तीन छोटी बहनों और एक छोटे भाई के सपने भी कार की एक टक्कर में चकनाचूर नहीं होते।
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26 फरवरी के मनहूस दिन को याद कर मां-बाप और तीनों बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। इसी दिन उनका 22 वर्षीय बेटा व भाई मुशर्रफ अली जो इंटर का छात्र था, दोस्तों संग बरात में जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गया। उसके चार अन्य दोस्तों की भी मौत हो गई।
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सड़क पर चलते समय पूरी सतर्कता बरतें। ऐसी कोई गलती न करें जिससे आपका परिवार बिखर जाए। बांदा शहर के अलीगंज (हाथी खाना) निवासी ट्रक मैकेनिक नफीस अहमद बताते हैं कि उनके बेटे की कोई गलती नहीं थी। 26 फरवरी को दोस्त की बरात में कर्वी से उरई जा रहा था। एक्सयूवी में उसके पांच अन्य दोस्त भी थे।
बांदा शहर से करीब 7 किलोमीटर पहले बांदा-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर जमुनी पुरवा के पास सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े ट्रक से कार टकरा गई। उनके बेटे और चार दोस्तों की मौत हो गई। एक बुरी तरह जख्मी हुआ। उसका इलाज कानपुर में चल रहा है।
पिता नफीस के अलावा मां नूरी और स्नातक की पढ़ाई कर रहीं बहनों में अशकारा व अलशिफा और इंटर की अशफिया तथा 9वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक मात्र भाई दाउद अली अपने घर का चिराग बुझ जाने से बेहद गमजदा हैं। इन सभी को मुशर्रफ से काफी उम्मीदें थीं। शुक्रवार को हादसे का हाल बयां करते हुए यह सभी एक बार फिर रो पड़े।
मुशर्रफ के मां-बाप और बहनों ने जनपद के सभी बाशिंदों से अपील की कि जब भी सड़क पर चलें बहुत सावधानी बरतें। याद रखें कि घर-परिवार में लोग आपके इंतजार में हैं। नफीस और नूरी बोले- हमने अपना बेटा खोया है, लेकिन आप अपनों को न खोएं। हां यह भी याद रखें दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें और ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करें।
ट्रैफिक नियम पालन से रहेंगे सुरक्षित
पुलिस उपाधीक्षक नगर/यातायात राकेश कुमार सिंह का कहना है कि सड़क पर यातायात नियमों का पालन बहुत जरूरी है। जरा सी लापरवाही या चूक जानलेवा साबित हो सकती है या बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आप ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं तो दुर्घटना की आशंका न के बराबर रहती है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जीवन को सुरक्षित रखें।

मृतक मुशर्रफ के माता-पिता और बहनें।- फोटो : BANDA