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अफसरों की पोल खोलने सीएम से मिलेंगे मजदूर

Mon, 22 Jun 2020 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 11:36 PM IST
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Workers will meet CM to open poll of officers
भंवरपुर में मनरेगा कार्यों का बहिष्कार करते श्रमिक। - फोटो : BANDA
बांदा। श्रमदान पर पानी फेर रहे अफसरों के विरुद्ध प्रवासी और स्थानीय श्रमिकों में गुस्सा है। सोमवार को भी श्रमिकों ने कार्य बहिष्कार किया। साथ ही तय किया कि पांच श्रमिकों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलकर पोल खोलेगा।
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नरैनी तहसील के भंवरपुर गांव में घरार नाला/नदी को पिछले हफ्ते प्रवासी श्रमिकों ने श्रमदान से खोदना शुरू किया था। मीडिया में सुर्खियां बना तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों को सम्मानित करने को कहा।
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इसी के बाद ग्राम पंचायत और ग्राम विकास विभाग ने नाला खुदाई को मनरेगा से कार्य बताना शुरू कर दिया। कार्यस्थल पर ग्राम पंचायत ने सीआईबी बोर्ड लगाकर उसमें मनरेगा कार्य दर्ज कर दिया। इस पर रविवार को श्रमिक भड़क गए। उनका कहना था कि 10 दिनों से चल रहे कार्य की सुध नहीं ली गई। जब मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को सम्मानित करने की बात कही तो बिलबिलाए अफसरों ने श्रमिकों की मेहनत को मटियामेट करने की कोशिश करते हुए पूरा काम मनरेगा का बता दिया।
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खफा श्रमिकों ने सोमवार को भी काम नहीं किया। आरोप लगाया कि पड़ोसी मजरों के मजदूर बुलाकर कार्य कराया जा रहा है। प्रधान तमाम मनरेगा जॉबकार्ड अपने पास रखे हैं। भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता अशोक त्रिपाठी जीतू ने कहा है कि श्रमदान को मनरेगा कार्य बताकर प्रवासी श्रमिकों का मनोबल गिराने वाले अफसरों के विरुद्ध एफआईआर होनी चाहिए।
मीडिया में चलता रहा, सीडीओ को पता नहीं चला
भंवरपुर मुद्दे पर सोमवार को सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा अपने कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए। कहा कि उन्होंने दो बार वहां निरीक्षण किया है। नाले में बारिश और नहर से निचले हिस्से में एक से डेढ़ मीटर तक पानी आ गया है। कहा कि एक स्वयंसेवी संस्था के व्यक्ति ने श्रमिकों को बुलाकर एक घंटे श्रमदान कराया था।
इसके बदले उन्हें राशन दिया। इसके बाद कुछ नहीं किया। प्रधान और बीडीओ ने बताया कि नाले के ऊपरी भाग में मनरेगा से काम कराया गया है। इस सवाल पर कि श्रमदान की बात लगातार मीडिया में आने के बाद भी अफसर चुप क्यों रहे? मनरेगा की बात क्यों नहीं कही? इस पर सीडीओ का कहना था कि इसकी जानकारी नहीं हो पाई थी। सीडीओ के मुताबिक कार्यस्थल पर बोर्ड 30 मई को ही लगा दिया गया था। पड़ोसी गांव के श्रमिकों को लगाने की बात भी खारिज की। कहा कि अफवाह फैलाई जा रही हैं।

सपाइयों ने मजदूरों को सम्मानित किया
बांदा। सोमवार को सपा नेता भी भंवरपुर पहुंच गए। श्रमदान करने वालों को माला पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें फल और बिस्किट दिए। कहा कि प्रशासन और ग्राम पंचायत प्रवासी व मजदूरों के सहयोग की बजाय उनका मनोबल गिरा रही है। सपा नेताओं ने पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज वर्मा सहित अशोक भागवानी, महेश शिवहरे, आमना खातून, खिलाड़ी भाई भी शामिल रहे।
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