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25 करोड़ के साथ शुरू होगा नई पंचायतों का कार्य
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बांदा। अगले वर्ष से नई ग्राम पंचायतें 25 करोड़ रुपये के साथ अपनी पारी की शुरूआत करेंगी। यह बजट निवर्तमान ग्राम पंचायतों के खाते से उन्हें मिलेगा। निवर्तमान पंचायतों को 88 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें वह सिर्फ 63 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाईं।
जनपद में आठ विकास खंडों की 470 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो गया। प्रधानों के खातों से धन निकासी पर रोक लगा दी गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त से 43 करोड़ मिले थे। इसमें महज 32 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। 11 करोड़ रुपये पंचायतों के खातों में धरे रह गए।
इसी तरह 14वें वित्त आयोग से 45 करोड़ रुपये दिए थे। इसमें ग्राम पंचायतें महज 31 करोड़ रुपये ही खर्च कर सकीं। 14 करोड़ रुपये बकाया है। अब यह बजट नई ग्राम पंचायतें खर्च करेंगी। उन्हें ग्राम पंचायतों का खजाना खाली नहीं मिलेगा। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी रमेशचंद्र ने बताया कि 14 व 15वें वित्त से पक्के निर्माण कार्य कराए जाते हैं। निवर्तमान ग्राम पंचायतें अपना पूरा पैसा नहीं खर्च कर सकीं। अब यह शेष धनराशि नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतों के खाते में जाएगी।
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जनपद में आठ विकास खंडों की 470 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो गया। प्रधानों के खातों से धन निकासी पर रोक लगा दी गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त से 43 करोड़ मिले थे। इसमें महज 32 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। 11 करोड़ रुपये पंचायतों के खातों में धरे रह गए।
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इसी तरह 14वें वित्त आयोग से 45 करोड़ रुपये दिए थे। इसमें ग्राम पंचायतें महज 31 करोड़ रुपये ही खर्च कर सकीं। 14 करोड़ रुपये बकाया है। अब यह बजट नई ग्राम पंचायतें खर्च करेंगी। उन्हें ग्राम पंचायतों का खजाना खाली नहीं मिलेगा। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी रमेशचंद्र ने बताया कि 14 व 15वें वित्त से पक्के निर्माण कार्य कराए जाते हैं। निवर्तमान ग्राम पंचायतें अपना पूरा पैसा नहीं खर्च कर सकीं। अब यह शेष धनराशि नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतों के खाते में जाएगी।
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