{"_id":"6266dc4bc27f660421099d66","slug":"will-compensate-4000-mw-of-electricity-with-solar-energy-banda-news-knp69326743","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौर ऊर्जा से करेंगे 4000 मेगावाट बिजली की भरपाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौर ऊर्जा से करेंगे 4000 मेगावाट बिजली की भरपाई
विज्ञापन
Will compensate 4000 MW of electricity with solar energy
- फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में बिजली की किल्लत सौर ऊर्जा से दूर होगी। प्रदेश सरकार और पावर कारपोरेशन ने मंडल में 4000 मेगावाट बिजली हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा के नए सब स्टेशन तैयार करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पावर कारपोरेशन (ट्रांसमीशन), 220 केवी सब स्टेशन बांदा के अधिशासी अभियंता रविकांत ने बताया कि केंद्र सरकार की ग्रीन ऊर्जा नीति के तहत मंडल के चारों जिलों में नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये सबस्टेशन इसी वर्ष बनना शुरू हो जाएंगे। मौजूदा समय में मंडल के चारों जिलों में मात्र 365 मेगा वाट सोलर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन हो रहा है।
इसमें चित्रकूट में 120, बांदा में 20, महोबा में 200 और हमीरपुर में 25 मेगावाट ग्रीन ऊर्जा बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में पावर कारपोरेशन को पसीने छूट रहे हैं। उपकरणों और लाइनों पर ओवर लोडिंग की स्थिति है। इससे आए दिन फाल्ट हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर पावर कारपोरेशन (ट्रांसमीशन) का रुझान सोलर ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा है। मंडल में पूर्व से भी कई सौर ऊर्जा सब स्टेशन चल रहे हैं। यह सब निजी कंपनियों के हैं।
विज्ञापन
मंडल में प्रस्तावित 4000 मेगा वाट सोलर ऊर्जा के नए सबस्टेशनों में बांदा के बबेरू में 132 केवी, खैराडा में 400 केवी और बांदा में 220/132 केवी सबस्टेशन में प्रस्तावित हैं।
यहां सौर ऊर्जा से बिजली की शुरुआत प्राइवेट कंपनियों ने कई वर्ष पूर्व की थी। पूर्व में इनकी बिजली पावर कारपोरेशन से महंगी थी, लेकिन कई कंपनियों के बांदा, चित्रकूट, महोबा आदि में सौर ऊर्जा सबस्टेशन लगा लिए जाने से आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते इनकी दरों में गिरावट आई है। पूर्व में 10 रुपये तक प्रति यूनिट दर थी। अब लगभग तीन रुपये हो गई है।
विज्ञापन
पावर कारपोरेशन (ट्रांसमीशन), 220 केवी सब स्टेशन बांदा के अधिशासी अभियंता रविकांत ने बताया कि केंद्र सरकार की ग्रीन ऊर्जा नीति के तहत मंडल के चारों जिलों में नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये सबस्टेशन इसी वर्ष बनना शुरू हो जाएंगे। मौजूदा समय में मंडल के चारों जिलों में मात्र 365 मेगा वाट सोलर ऊर्जा से बिजली का उत्पादन हो रहा है।
विज्ञापन
इसमें चित्रकूट में 120, बांदा में 20, महोबा में 200 और हमीरपुर में 25 मेगावाट ग्रीन ऊर्जा बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में पावर कारपोरेशन को पसीने छूट रहे हैं। उपकरणों और लाइनों पर ओवर लोडिंग की स्थिति है। इससे आए दिन फाल्ट हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर पावर कारपोरेशन (ट्रांसमीशन) का रुझान सोलर ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा है। मंडल में पूर्व से भी कई सौर ऊर्जा सब स्टेशन चल रहे हैं। यह सब निजी कंपनियों के हैं।
विज्ञापन
मंडल में प्रस्तावित 4000 मेगा वाट सोलर ऊर्जा के नए सबस्टेशनों में बांदा के बबेरू में 132 केवी, खैराडा में 400 केवी और बांदा में 220/132 केवी सबस्टेशन में प्रस्तावित हैं।
यहां सौर ऊर्जा से बिजली की शुरुआत प्राइवेट कंपनियों ने कई वर्ष पूर्व की थी। पूर्व में इनकी बिजली पावर कारपोरेशन से महंगी थी, लेकिन कई कंपनियों के बांदा, चित्रकूट, महोबा आदि में सौर ऊर्जा सबस्टेशन लगा लिए जाने से आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते इनकी दरों में गिरावट आई है। पूर्व में 10 रुपये तक प्रति यूनिट दर थी। अब लगभग तीन रुपये हो गई है।

Will compensate 4000 MW of electricity with solar energy- फोटो : BANDA