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बेतुकी बयानबाजी पर कांग्रेस का धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 01 Feb 2016 11:52 PM IST
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बांदा। हैदराबाद में दलित छात्र की आत्महत्या मामले
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को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने सांकेतिक धरना दिया। मृतक के परिवार को राहत
और मदद की बजाय केंद्रीय मंत्रियों की बेतुकी बयानबाजी पर रोष जताया।
स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट पर आयोजित धरने में जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल ने कहा कि दलित छात्र रोहित बेमुला प्रतिभावान था। केंद्र सरकार की साजिश से उत्पीड़न की कार्रवाई से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
कहा कि कांग्रेस का यह धरना दलित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए है। केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने रोहित के दलित होने पर ही सवाल खड़े कर दिए।
पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद और प्रदेश संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र ने कहा कि दलितों को सबसे ज्यादा सम्मान और मुकाम कांग्रेस ने दिया।
दलितों के हक की लड़ाई कांग्रेस अब भी लड़ेगी। उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ चेयरमैन रामभरोसा ने भी दलित छात्र की मौत के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार बताया।
धरना सभा का संचालन राममिलन सिंह पटेल ने किया। रामरतन समुद्रे, बी लाल, राधा कोटार्य, जहांगीर, इसहाक, कुतौबा जमां खां, डॉ. केपी अकेला, वैभव सिंह, शोएब रिजवी, कैलाश वाजपेई, जय किशोर गुप्त, शिवदत्त अग्निहोत्री, राकेश सिंह, ऊषा निषाद, आफताब मुस्तफा, हसीब, आदित्य सिंह, केशव पाल, मोनिस भी शामिल रहे।
स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट पर आयोजित धरने में जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल ने कहा कि दलित छात्र रोहित बेमुला प्रतिभावान था। केंद्र सरकार की साजिश से उत्पीड़न की कार्रवाई से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
कहा कि कांग्रेस का यह धरना दलित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए है। केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने रोहित के दलित होने पर ही सवाल खड़े कर दिए।
पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद और प्रदेश संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र ने कहा कि दलितों को सबसे ज्यादा सम्मान और मुकाम कांग्रेस ने दिया।
दलितों के हक की लड़ाई कांग्रेस अब भी लड़ेगी। उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ चेयरमैन रामभरोसा ने भी दलित छात्र की मौत के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार बताया।
धरना सभा का संचालन राममिलन सिंह पटेल ने किया। रामरतन समुद्रे, बी लाल, राधा कोटार्य, जहांगीर, इसहाक, कुतौबा जमां खां, डॉ. केपी अकेला, वैभव सिंह, शोएब रिजवी, कैलाश वाजपेई, जय किशोर गुप्त, शिवदत्त अग्निहोत्री, राकेश सिंह, ऊषा निषाद, आफताब मुस्तफा, हसीब, आदित्य सिंह, केशव पाल, मोनिस भी शामिल रहे।