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नोटबंदी के तुगलकी फरमान से क्या हुआ फायदा

Mon, 12 Nov 2018 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Mon, 12 Nov 2018 11:58 PM IST
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What happened to the decree of note closure
कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने आए कांग्रेस नेता। - फोटो : अमर उजाला

जिला/शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री को भेजे सात सूत्री ज्ञापन में विभिन्न मुद्दे शामिल किए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि 15.4 लाख करोड़ के बड़े नोट चलन से बाहर कर दिए गए। इस तुगलकी फरमान से लघु और मध्यम उद्योग समाप्त हो गए। मजदूरों को रोजी-रोटी से हाथ धोना पड़ा। 

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ज्ञापन में कहा है कि नोटबंदी के असली लाभार्थी कहा हैं? बैंकों में वापस आई 93.3 प्रतिशत मुद्रा के बाद काला धन कहां गया? महिलाओं ने आजीवन बचत खो दी। अर्थ व्यवस्था में गिरावट आई। एनपीए बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं हो रहीं। अमेरिकी डालर की तुलना में भारतीय रुपये की कीमत गिरती जा रही है।
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ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ल, शहर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्त, प्रदेश सदस्य बीलाल सहित मोहम्मद इदरीस, गजेंद्र सिंह पटेल, दिनेश द्विवेदी, छविलाल निराला, जावेद खां, अशोक सिंह चौहान, संतोष द्विवेदी, कैलाश वाजपेयी, नाथूराम सेन, युवा कांग्रेस के केशव पाल, जिलानी दुर्रानी, धर्मेंद्र सिंह, अकीलुस्समद, शिवबली सिंह, छेदीलाल धुरिया, केपी सेन, शब्बीर सौदागर, मकसूद आदि शामिल रहे।  

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