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केन में खनन रोकने को जल सत्याग्रह
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:47 PM IST
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केन नदी में जल सत्याग्रह करते किसान और स्वयंसेवी।
- फोटो : अमर उजाला
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केन नदी की जलधारा से मशीनों द्वारा रात-दिन हो रहे खनन के विरुद्ध बृहस्पतिवार को चिंगारी संगठन के तत्वावधान में ग्रामीणों ने केन नदी में जल सत्याग्रह शुरू कर दिया, जो देर रात तक जारी था। अधिकारियों के मौखिक आश्वासन पर आंदोलनकारी नहीं माने। इनका कहना है कि लिखित रूप से कार्रवाई का भरोसा दिया जाए।
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नरैनी तहसील और गिरवां थानांतर्गत कोलावल रायपुर खदान में पट्टाधारक नदी की जलधारा से मशीनों के जरिए खनन कर रहे हैं। साथ ही बालू के वाहन किसानों के खेतों से गुजार रहे हैं, उन्हें मुआवजा भी नहीं मिल रहा। बुधवार को ग्रामीणों की अर्जी पर तिंदवारी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस स्थिति से अवगत कराया था। खेतों से निकाले जा रहे बालू ट्रकों पर रोक और बालू माफियाओं पर कार्रवाई की मांग की थी।
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बृहस्पतिवार को विधायक बृजेश और क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर की उपस्थिति में चिंगारी संगठन ने खदान के नजदीक केन नदी के पानी में धरना देकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। एडीएम संतोष बहादुर सिंह, अपर एसपी एलबीके पाल और नरैनी एसडीएम और क्षेत्राधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे। आंदोलनकारियों ने मांग की कि अवैध खनन से डंप बालू सीज की जाए, कंपनी के खिलाफ एफआईआर हो, किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा और मजदूरों को मजदूरी मिले।
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अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाएगी। आंदोलनकारियों ने यह बात लिखित रूप में मांगी। अधिकारियों ने लिखकर नहीं दिया। देर शाम तक जल सत्याग्रह जारी रहा। मौके पर पुलिस भी तैनात थी। जल सत्याग्रह में चिंगारी संगठन की शहरोज फात्मा, विद्याधाम समिति के राजाभइया सहित अन्य किसान शामिल रहे।
चटगन में चल रहा अवैध खनन
बांदा। सदर तहसील और देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चटगन गांव में केन नदी में दबंगों द्वारा अवैध रूप से किए जा रहे बालू खनन और रात में जेसीबी के इस्तेमाल की शिकायत ग्रामीणों ने अधिकारियों से की है। कहा है कि विरोध करने पर खनन माफिया जान से मारने की धमकी देते हैं। फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
जरर में जबरन हो रहा अवैध खनन
बांदा। नरैनी तहसील और कोतवाली क्षेत्र के जरर गांव के किसानों ने मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि उनकी जमीन केन नदी किनारे है। उनके खेतों से बालू माफिया जबरन बालू का खनन कर रहे हैं और ट्रक व ट्रैक्टर निकाल रहे हैं। नदी में पुल बना लिया गया है। जेसीबी का इस्तेमाल हो रहा है। शिकायतकर्ताओं में सुरेशचंद्र, जितेंद्र, देवीदयाल, उमा देवी आदि शामिल हैं। ब्यूरो