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हर जगह से आई पानी की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:35 PM IST
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मार्च का पहला दिन ही पानी के लिए मची हाय-तौबा में बीता। जनपद के तहसील मुख्यालयों में आयोजित तहसील दिवसों में पानी-पानी का शोर गूंजा। लगभग 30 फीसदी मामले सिर्फ पानी के रहे। पेयजल की फरियाद लेकर आने वालों को संतुष्ट करने में अफसरों को पसीने छूट गए। जल निगम और जलसंस्थान पर सबसे ज्यादा दबाव है।
आमतौर पर बुंदेलखंड में मई और जून माह पेयजल संकट के लिए पहचाने जाते हैं। पर अबकी हालात बदले हुए हैं। सूखे ने पानी का संकट दो माह पहले ही ला खड़ा किया है। इसकी बानगी मंगलवार (पहली मार्च) को ही सामने आ गई। तहसील दिवसों में पानी का संकट छाया रहा। सदर तहसील में कुल 147 मामले आए।
इनमें 53 शिकायतें और अर्जियां पानी से संबंधित थीं। यानी 36 फीसदी मामले पानी के रहे। शहर की सीमा से जुड़े झील का पुरवा सहित कांशीराम कालोनी (हरदौली), तिंदवारा, पचनेही, पचुल्ला समेत कई गांवों और मोहल्लों के लोग पानी के लिए परेशान नजर आए। सुनवाई कर रहे एसडीएम ने जल निगम और जल संस्थान अभियंताओं को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बबेरू में तहसील दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों और कस्बे से 98 फरियादी आए। इनमें पानी के लिए 15 शिकायतें और समस्याएं शामिल थीं। एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने सुनवाई की। किसी भी शिकायत का फौरीतौर पर निपटारा नहीं हो सका। पानी के लिए दांदौ गांव के सालिगराम, नहर पटरी बबेरू के मनोज कुमार, बरौली आजम के शिव करन, देवरार के शिवचंद्र यादव, मवई जुझार के केशव प्रसाद, जलालपुर के रामेश्वर, कमासिन रोड बबेरू के पवन कुमार आदि ने अपने गांवों में पेयजल संकट के हालात से आगाह कराया।
नरैनी। तहसील दिवस मेें एक चौथाई मामले पानी के थे। यहां कुल 43 फरियादी उपस्थित हुए। इनमें से 10 के हाथों में पेयजल संकट की अर्जी थी। किसान यूनियन नेता महेश्वरी प्रसाद दीक्षित ने नरैनी के पटेल नगर में हैंडपंप और तालाब सूख जाने से पेयजल संकट की जानकारी दी। गुरहाकलां के रामऔतार, मूड़ी गांव के राम कुमार, पुरैनिया के अटल बिहारी, गांधी नगर नरैनी के उमेश कुमार, नींबी गांव के राम प्रताप सिंह, बुलाकी के लखन सिंह, नंदवारा के अलखराम और नौहाई के धिराज आदि ने पेयजल संकट की गुहार लगाते हुए हैंडपंप और पाइप लाइनों से जलापूर्ति की मांग की। एसडीएम महेंद्र सिंह ने सुनवाई की। बीडीओ राम किशुन, सीओ राकेश मिश्रा, नायब तसहीलदार गिरिवर सिंह आदि शामिल रहे।
अतर्रा। तहसील दिवस में 131 मामले आए। इनमें लगभग एक चौथाई फरियादियों ने पानी के संकट से निजात दिलाने की मांग की। एसडीएम विनय कुमार पाठक ने जल निगम और जल संस्थान को तत्काल समस्या निस्तारित करने को कहा। गुठिल्ला पुरवा के जगन्नाथ, पिपरी खेरवा के राज कुमार, इटरा खुर्द के उमाशंकर गुप्ता आदि ने बताया कि उनके गांवों में हैंडपंप फेल हो चुके हैं। पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। मई, जून में हालात और खराब होंगे।
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आमतौर पर बुंदेलखंड में मई और जून माह पेयजल संकट के लिए पहचाने जाते हैं। पर अबकी हालात बदले हुए हैं। सूखे ने पानी का संकट दो माह पहले ही ला खड़ा किया है। इसकी बानगी मंगलवार (पहली मार्च) को ही सामने आ गई। तहसील दिवसों में पानी का संकट छाया रहा। सदर तहसील में कुल 147 मामले आए।
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इनमें 53 शिकायतें और अर्जियां पानी से संबंधित थीं। यानी 36 फीसदी मामले पानी के रहे। शहर की सीमा से जुड़े झील का पुरवा सहित कांशीराम कालोनी (हरदौली), तिंदवारा, पचनेही, पचुल्ला समेत कई गांवों और मोहल्लों के लोग पानी के लिए परेशान नजर आए। सुनवाई कर रहे एसडीएम ने जल निगम और जल संस्थान अभियंताओं को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बबेरू में तहसील दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों और कस्बे से 98 फरियादी आए। इनमें पानी के लिए 15 शिकायतें और समस्याएं शामिल थीं। एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने सुनवाई की। किसी भी शिकायत का फौरीतौर पर निपटारा नहीं हो सका। पानी के लिए दांदौ गांव के सालिगराम, नहर पटरी बबेरू के मनोज कुमार, बरौली आजम के शिव करन, देवरार के शिवचंद्र यादव, मवई जुझार के केशव प्रसाद, जलालपुर के रामेश्वर, कमासिन रोड बबेरू के पवन कुमार आदि ने अपने गांवों में पेयजल संकट के हालात से आगाह कराया।
नरैनी। तहसील दिवस मेें एक चौथाई मामले पानी के थे। यहां कुल 43 फरियादी उपस्थित हुए। इनमें से 10 के हाथों में पेयजल संकट की अर्जी थी। किसान यूनियन नेता महेश्वरी प्रसाद दीक्षित ने नरैनी के पटेल नगर में हैंडपंप और तालाब सूख जाने से पेयजल संकट की जानकारी दी। गुरहाकलां के रामऔतार, मूड़ी गांव के राम कुमार, पुरैनिया के अटल बिहारी, गांधी नगर नरैनी के उमेश कुमार, नींबी गांव के राम प्रताप सिंह, बुलाकी के लखन सिंह, नंदवारा के अलखराम और नौहाई के धिराज आदि ने पेयजल संकट की गुहार लगाते हुए हैंडपंप और पाइप लाइनों से जलापूर्ति की मांग की। एसडीएम महेंद्र सिंह ने सुनवाई की। बीडीओ राम किशुन, सीओ राकेश मिश्रा, नायब तसहीलदार गिरिवर सिंह आदि शामिल रहे।
अतर्रा। तहसील दिवस में 131 मामले आए। इनमें लगभग एक चौथाई फरियादियों ने पानी के संकट से निजात दिलाने की मांग की। एसडीएम विनय कुमार पाठक ने जल निगम और जल संस्थान को तत्काल समस्या निस्तारित करने को कहा। गुठिल्ला पुरवा के जगन्नाथ, पिपरी खेरवा के राज कुमार, इटरा खुर्द के उमाशंकर गुप्ता आदि ने बताया कि उनके गांवों में हैंडपंप फेल हो चुके हैं। पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। मई, जून में हालात और खराब होंगे।