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मार्च में घर-घर खोजे जाएंगे संचारी रोगी
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बांदा। मार्च माह में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलेगा। एएनएम, आशा बहू, आंगनबाड़ी की टीमें घर-घर संभावित मरीजों की खोजबीन करेंगी। मच्छरों से बचाव और उनसे होने वाले रोगों के बारे में बताएंगी। बुखार, खांसी, श्वास के मरीजों की जानकारी लेंगी।
यह बात बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा और सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताई। बताया कि पहली से 31 मार्च तक चलने वाले अभियान में मच्छर जनित रोगों से विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। घरों के आसपास पानी भराव, गंदगी से बचाव और शुद्ध पेयजल इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, खांसी, श्वांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे लोगों की जानकारी जुटाएंगी। सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया रोगियों की सूची भी तैयार की जाएगी। जन्म-मृत्यु से छूटे लोगों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। गंभीर मरीजों को पीएचसी, सीएचसी या जिला अस्पताल भेजा जाएगा। बताया कि अभियान में पंचायती राज, शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, पशुपालन, कृषि, सिंचाई, उद्यान और सूचना विभाग मिलकर काम करेंगे।
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इनसेट
10 मार्च से दस्तक अभियान
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि 10 से 24 मार्च तक दस्तक अभियान चलेगा। टीबी रोगी और कुपोषित बच्चों पर नजर रखी जाएगी। उन्हें लगातार खांसी आ रही है या वजन घट रहा है उन्हें चिह्नित कर टीबी की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें इलाज के लिए डाट्स सेंटर भेजा जाएगा। कुपोषित बच्चों को भी खोजकर चिह्नित किया जाएगा।
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यह बात बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा और सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताई। बताया कि पहली से 31 मार्च तक चलने वाले अभियान में मच्छर जनित रोगों से विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। घरों के आसपास पानी भराव, गंदगी से बचाव और शुद्ध पेयजल इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, खांसी, श्वांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे लोगों की जानकारी जुटाएंगी। सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया रोगियों की सूची भी तैयार की जाएगी। जन्म-मृत्यु से छूटे लोगों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। गंभीर मरीजों को पीएचसी, सीएचसी या जिला अस्पताल भेजा जाएगा। बताया कि अभियान में पंचायती राज, शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, पशुपालन, कृषि, सिंचाई, उद्यान और सूचना विभाग मिलकर काम करेंगे।
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10 मार्च से दस्तक अभियान
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि 10 से 24 मार्च तक दस्तक अभियान चलेगा। टीबी रोगी और कुपोषित बच्चों पर नजर रखी जाएगी। उन्हें लगातार खांसी आ रही है या वजन घट रहा है उन्हें चिह्नित कर टीबी की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें इलाज के लिए डाट्स सेंटर भेजा जाएगा। कुपोषित बच्चों को भी खोजकर चिह्नित किया जाएगा।
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