फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Water banks, wells, ponds should be revived

पानी का बने बैंक, कुएं, बावडिय़ों, तालाबों का हो पुर्नरुद्धार

Wed, 15 Jun 2022 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
Water banks, wells, ponds should be revived
Water banks, wells, ponds should be revived - फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड में जागरूकता से पानी की कमी दूर की जा सकती है। इसी के तहत पानी इकट्ठा करने के लिए कुएं, बावड़ी, तालाबों और झीलों का पुनरुद्धार करना महत्वपूर्ण है। पानी का बैंक बनाने की जरूरत है। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में मंडल से इकट्ठा हुए जल योद्धाओं ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की उपयोगिता समझाई। बताया कि बेजान चीज को जोड़ने का काम पानी करता है। जिस दिन इस गूढ़ रहस्य को हम समझ जाएंगे उस दिन बुंदेलखंड में भी जल संरक्षण की दिशा में प्रयास और तेज होंगे।
विज्ञापन

बुधवार को हुई जनपद जल पंचायत में नीति आयोग की जल प्रबंध समिति के सदस्य उमाशंकर पांडेय ने खेत में मेड़ और मेड़ पर पेड़ के प्रयोग को बताया। पानी संरक्षण के लिए गांवों में नीम, इमली, जामुन, बरगद, पीपल जैसे पेड़ों को लगाने की सलाह दी। उन्होंने अपने गांव जखनी का उदाहरण दिया। कहा कि जिस तरह से उन्होंने जखनी को जल ग्राम बनाया है उसी तरह कोई तो वन गांव बने।
विज्ञापन

डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि किसी कार्य के लिए जुनून की जरूरत है। अगर जल संरक्षण के लिए यहां के लोग जुनून के साथ काम करेंगे तो आने वाले समय में पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बड़ोखर खुर्द के ब्लॉक प्रमुख स्वर्ण सिंह सोनू ने मरौली झील के पुनरुद्धार किए जाने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रोजेक्टर में दिखाए जल संरक्षण के कार्य
प्रेक्षागृह में 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व पृथ्वी दिवस और 5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस पर मृत प्राय: गहरार नदी, चंद्रावल नदी के पुनरुद्धार के लिए किए गए कार्य को प्रोजेक्टर में दिखाया। डीएम अनुराग पटेल की पहल पर इन नदियों पर किए गए श्रमदान को प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य ने समझाया कि किस तरह यहां काम हुए। इसके अलावा मिर्जापुर, फर्रुखाबाद और फतेहपुर जनपदों में किए गए जल संरक्षण के कार्यों को दिखाया गया।

जल संरक्षण सकारात्मक सोच का परिणाम
जल पंचायत में ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की गीता बहन, संगीता बहन ने जल संरक्षण को सकारात्मक सोच का परिणाम बताया। सभी प्रधानों से गांव को आदर्श गांव बनाने के सुझाव दिए गए। यहां ग्राम प्रधान बरईमानपुर योगेंद्र सिंह, डॉ. इदरीश मोहम्मद, डॉ. शिव प्रसाद, प्रगतिशील किसान मोहम्मद असलम, तुर्रा नाले पर काम कर रहे रामप्रकाश गर्ग आदि भी मौजूद रहे। संचालन डॉ. अर्चना भारतीय ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed