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बारिश से फिर बर्बादी, फसल बचाने की कोशिशों पर फिरा पानी
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बांदा में बारिश के बाद सड़क पर निकलते लोग।
- फोटो : BANDA
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बांदा। इस माह के दूसरे पखवारे में फिर बारिश से जनजीवन और फसलें दोनों ही प्रभावित हुईं। शनिवार को तड़के हुई बारिश ने ठंड और बढ़ा दी। 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शीत लहर चलती रही। हवा में नमी का ग्राफ 55 प्रतिशत हो गया। न्यूनतम पारा 12 डिग्री रिकार्ड किया गया।
एक सप्ताह पहले हुई बेमौसम बारिश से किसान फसलों को बचाने की कवायद में लगे ही थे कि इस बारिश ने फिर उनकी कोशिशों पर पानी फेर दिया। बचीखुची और क्षतिग्रस्त फसल को खुले मौसम में फिर खड़े करने की कवायदों को भी झटका लगा। गेहूं, चना, सरसों, मटर, मसूर, अलसी आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। उत्पादन में 30 फीसदी तक गिरावट आ सकती है।
जनवरी की शुरूआत में चार दिन तक लगातार हुई बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि ने 50 फीसदी फसलों को तहस-नहस कर दिया था। खलिहानों में रखी धान की फसल काली पड़ गई थी। धूप निकलने के बाद किसान धान की फसल को सुखाने व रबी की फसल को बचाने की कवायद में जुटे थे। शनिवार को पुन: बेमौसम बारिश ने किसानों का संकट बढ़ा दिया। हालांकि बारिश से सरसों आदि में लगने वाला माहू कीट धुल गया है।
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जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि शनिवार की बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ। अब रबी की फसलों को सिंचाई का पानी नहीं देना पड़ेगा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बारिश और मौसम में बदलाव हुआ है। रविवार को भी बारिश के आसार हैं।
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एक सप्ताह पहले हुई बेमौसम बारिश से किसान फसलों को बचाने की कवायद में लगे ही थे कि इस बारिश ने फिर उनकी कोशिशों पर पानी फेर दिया। बचीखुची और क्षतिग्रस्त फसल को खुले मौसम में फिर खड़े करने की कवायदों को भी झटका लगा। गेहूं, चना, सरसों, मटर, मसूर, अलसी आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। उत्पादन में 30 फीसदी तक गिरावट आ सकती है।
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जनवरी की शुरूआत में चार दिन तक लगातार हुई बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि ने 50 फीसदी फसलों को तहस-नहस कर दिया था। खलिहानों में रखी धान की फसल काली पड़ गई थी। धूप निकलने के बाद किसान धान की फसल को सुखाने व रबी की फसल को बचाने की कवायद में जुटे थे। शनिवार को पुन: बेमौसम बारिश ने किसानों का संकट बढ़ा दिया। हालांकि बारिश से सरसों आदि में लगने वाला माहू कीट धुल गया है।
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जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि शनिवार की बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ। अब रबी की फसलों को सिंचाई का पानी नहीं देना पड़ेगा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बारिश और मौसम में बदलाव हुआ है। रविवार को भी बारिश के आसार हैं।