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नौकरी से हटाए गए वार्ड ब्वाय, कर्मियों का प्रदर्शन
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बांदा। कोरोना की दूसरी लहर में राजकीय मेडिकल कालेज बांद में भर्ती किए गए वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई। इससे नाराज कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी और कालेज प्रधानाचार्य को ज्ञापन देकर पुन: नियुक्ति का अनुरोध किया है। प्रधानाचार्य का कहना है कि इन्हें आउट सोर्सिंग के तहत मात्र तीन माह के लिए भर्ती किया गया था।
कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल माह से शुरू हुई थी। लगातार केस बढ़ने पर शासन के आदेश पर राजकीय मेडिकल कालेज में आउट सोर्सिंग से लगभग 15 वार्ड ब्वाय और दो दर्जन सफाई कर्मी भर्ती किए थे। पहली मई को सभी को नियुक्ति मिल गई। तीन माह पूरे हो जाने पर 31 जुलाई को कंपनी ने इन सभी कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी। सेवा से हटाने पर वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी सड़क पर आ गए। सोमवार को मेडिकल कालेज और कलक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन दिया।
कहा कि कोरोना के दौरान सभी कर्मियों ने पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया। आरोप लगाया कि उनकी नियुक्ति प्रतिदिन 350 रुपये के हिसाब से की गई, लेकिन भुगतान 250 रुपये प्रतिदिन से किया गया। शिकायत पर कंपनी द्वारा उन्हें हटा दिया गया। कहा कि कंपनी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी को नहीं हटाया। पुन: मेडिकल कालेज में तैनात करने का अनुरोध किया है। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मोहम्मद जावेद, प्रेमचंद्र, निशान गर्ग, अभिषेक, बलवीर, गीता, गुड़िया, मंजू, सचिन, चंदन, बरातीलाल, अजय, दिनेश, धर्मेंद्र आदि शामिल रहे।
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मात्र तीन माह के लिए हुई थी भर्ती
शासन के आदेश पर मात्र तीन माह के लिए आउट सोर्सिंग के तहत भर्ती की गई थी। कोरोना केस बढ़ने पर मैन पावर की कमी के चलते शासन ने निर्णय लिया था। इसी आदेश के तहत यहां भी लगभग 15 वार्ड ब्वाय और दो दर्जन सफाई कर्मी नियुक्त किए गए थे। 31 जुलाई को समय पूरा होने पर उन्हें हटा दिया गया।
- डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज, बांदा
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कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल माह से शुरू हुई थी। लगातार केस बढ़ने पर शासन के आदेश पर राजकीय मेडिकल कालेज में आउट सोर्सिंग से लगभग 15 वार्ड ब्वाय और दो दर्जन सफाई कर्मी भर्ती किए थे। पहली मई को सभी को नियुक्ति मिल गई। तीन माह पूरे हो जाने पर 31 जुलाई को कंपनी ने इन सभी कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी। सेवा से हटाने पर वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी सड़क पर आ गए। सोमवार को मेडिकल कालेज और कलक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन दिया।
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कहा कि कोरोना के दौरान सभी कर्मियों ने पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया। आरोप लगाया कि उनकी नियुक्ति प्रतिदिन 350 रुपये के हिसाब से की गई, लेकिन भुगतान 250 रुपये प्रतिदिन से किया गया। शिकायत पर कंपनी द्वारा उन्हें हटा दिया गया। कहा कि कंपनी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी को नहीं हटाया। पुन: मेडिकल कालेज में तैनात करने का अनुरोध किया है। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मोहम्मद जावेद, प्रेमचंद्र, निशान गर्ग, अभिषेक, बलवीर, गीता, गुड़िया, मंजू, सचिन, चंदन, बरातीलाल, अजय, दिनेश, धर्मेंद्र आदि शामिल रहे।
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मात्र तीन माह के लिए हुई थी भर्ती
शासन के आदेश पर मात्र तीन माह के लिए आउट सोर्सिंग के तहत भर्ती की गई थी। कोरोना केस बढ़ने पर मैन पावर की कमी के चलते शासन ने निर्णय लिया था। इसी आदेश के तहत यहां भी लगभग 15 वार्ड ब्वाय और दो दर्जन सफाई कर्मी नियुक्त किए गए थे। 31 जुलाई को समय पूरा होने पर उन्हें हटा दिया गया।
- डा. मुकेश कुमार यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज, बांदा