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जश्न के साथ मनाई पैगंबर की विलादत

Sun, 04 Jan 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sun, 04 Jan 2015 11:55 PM IST
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Waravfat

जोशीले जश्न के साथ रविवार को पैगंबरे इस्लाम का जन्मदिन मनाया गया। जुलूस-ए-मोहम्मदी खास आकर्षण बना। भारी-भरकम और ऊंचे हरे परचमों के बीच धार्मिक नारे (तकबीरें) शहर की सड़कों पर आधी रात तक गूंजती रही।

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एक दर्जन से ज्यादा आकर्षक झांकियां भी जुलूस की रौनक बढ़ा रही थीं। जुलूस और लंगर में हिंदू धर्मालंबियों ने भी शिरकत करके सांप्रदायिक सौहार्द की विरासत को कायम रखा।
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इस्लामी कलैंडर के रबी अव्वल माह की 12वीं तारीख को मनाया जाने वाला हजरत मोहम्मद का यौम-ए-विलादत (जन्मदिन) अबकी भी जोश और खरोश से भरपूर रहा। पूर्व संध्या से ही शहर के तमाम इलाके सज-धज गए थे। रात भर नात और कव्वालियां गूंजती रहीं।
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रविवार को दोपहर बाद मर्दन नाका, अलीगंज, हाथी खाना, खुटला, गूलरनाका, क्योटरा, जरैली कोठी, मढ़िया नाका आदि मोहल्लों के जुलूस कालवन गंज स्थित खानकाह दरगाह रोड के लिए रवाना हुए। दिन में ठीक तीन बजे शेख सरवर की मसजिद के सामने बनाए गए मंच से शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां), जश्न-ए-ईद मीलाद कमेटी संरक्षक पूर्व चेयरमैन अब्दुल हफीज फारुकी (चचा), अध्यक्ष इकबाल बहादुर सहित डा.मोहम्मद शोएब, अयूब खां आदि ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया।

मंच पर कमेटी सचिव हाजी गुलाम मुस्तफा, अनवर सईद, रईस उर्फ बाबू, नसीम, गुलफाम, इमरान अली राजू, वहीद नेता इत्यादि उपस्थित थे। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, एमयू दुर्रानी, शोएब रिजवी, हसन सिद्दीकी भी उपस्थित रहे।

संरक्षक हफीज चचा ने बताया कि बांदा शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी की शुरुआत उन्होंने 1967 में कराई थी। आज यह आयोजन सभी के सहयोग से काफी बड़ा हो चुका है। इस वर्ष शहर की 84 कमेटियों के झंडे और झांकी जुलूस में शामिल हुए।

बैंड-बाजे की परेड धुन पर जुलूस के आगे सफेद, गुलाबी, हरी और काली पगड़ी पहने युवक हाथों में तलवार लिए कदमताल पर चल रहे थे। जुलूस के मध्य ट्रैक्टर पर सजाई गई खाने काबा और गुबंदे खिजरा (मक्का-मदीना) की झांकियां थीं।

भारी-भरकम हरे परचमों को सैकड़ों की संख्या में युवक संभाले हुए थे। जगह-जगह जुलूस पर फूल लुटाए गए। मर्दन नाका पुुलिस चौकी के पास झांकियों को मेडल देकर पुरस्कृत किया गया। अलीगंज में बसपा नेता मुमताज अली ने दो स्थानों पर खीर और बिरयानी के लंगर किए। और भी कई स्थानों पर चाय, खीर, लड्डू आदि के लंगर हुए।

भारी हुजूम के साथ जुलूस छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, शंकर गुरु चौराहा, सब्जी मंडी, छावनी, गूलरनाका, अमर टाकीज तिराहा, नवाबी जामा मसजिद, अलीगंज आदि होकर देर रात ईदगाह चौराहा पहुंचा। यहां स्थानीय कमेटी ने जुलूस का स्वागत किया। सलाम पढ़ा गया।


राइफल क्लब ग्राउंड में देर रात आतिशबाज अज्जन भाई और उनके पुत्र रशीद ने रंग-बिरंगी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया। उधर, मुसलिम घरानों में फातेहा हुई। घरों में हरे झंडे लगाकर खुशियां मनाईं गईं।

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