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‘बूस्टर’ के इंतजार में ऑक्सीजन प्लांट की सांसें अटकीं

Mon, 10 Jan 2022 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 11:54 PM IST
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Waiting for the 'booster' to hold the breath of the oxygen plant
मेडिकल कालेज में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट। - फोटो : BANDA
बांदा। कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है, लेकिन इससे निपटने के इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई थीं। इस बार भी हालात बिगड़े तो ऑक्सीजन का संकट पैदा हो सकता है। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में स्थापित 960 लीटर प्रति मिनट (एलएमपी) ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता वाला प्लांट तकनीकी खराबी के चलते एक माह से बंद है। शासन को अवगत कराया गया है। मगर इसे ठीक कराने के इंतजाम नहीं हो सके हैं।
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मेडिकल कालेज में दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट हैं। इनमें एक 960 एलपीएम और दूसरा 660 एलपीएम का है। 660 एलएमपी वाला प्लांट चल रहा है, लेकिन 960 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट को अभी तक बूस्टर कनेक्शन नहीं मिला है। दरअसल मेडिकल कालेज में जहां पाइप से ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है, वहां सिलिंडर के जरिये आपूर्ति की जानी है। दिक्कत ये है कि प्लांट से सिलिंडर भरने के लिए जरूरी उपकरण बूस्टर है ही नहीं। इस वजह से यह चल नहीं रहा है।
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मेडिकल कालेज नोडल अधिकारी डा.एसके यादव ने बताया कि प्लांट बनकर तैयार है। बूस्टर के लिए कंपनी को जानकारी दी गई है। जल्द ही इसे चालू करा दिया जाएगा। दो दिन पूर्व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को भी प्लांट बंद होने से अवगत करा दिया गया है। अभी ऑक्सीजन की खपत कम है। दावा किया कि 660 एलपीएम क्षमता वाले प्लांट से पर्याप्त ऑक्सीजन मिल रही है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। 139 वेंटीलेटर हैं। 21 एचएचएनसी व 18 बाइपैप मशीन हैं। मॉकड्रिल में सभी की टेस्टिंग पूरी कर ली गई।
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180 बेडों में सिलिंडर से पहुंचेगी ऑक्सीजन
मेडिकल कालेज में कुल बेड 539 हैं। इनमें 359 बेड तक ही ऑक्सीजन पहुंचने की व्यवस्था है। 180 बेडों में भर्ती होने वाले मरीजों को सिलिंडर से ही ऑक्सीजन मुहैया हो सकेगी। ये आंकड़े मेडिकल कालेज प्रशासन के हैं। प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि शेष बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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