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गांवों को बिजली सुधार की सौगात
banda
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:56 PM IST
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बांदा से अतर्रा के लिए तैयार की गई नई 132 केवी लाइन।
- फोटो : amarujala
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फरवरी की शुरुआत अतर्रा और नरैनी क्षेत्र के दो सैकड़ा से ज्यादा गांवों को बिजली सुधार की सौगात से होगी। 18 करोड़ रुपये की लागत से बांदा से अतर्रा तक डाली गई 132 केवी हाईटेंशन लाइन बनकर तैयार हो गई है। पहली या दूसरी फरवरी को इसमें करंट दौडने लगेगा। हाई वोल्टेज वाली लाइन शुरू होने के मद्देनजर लोगों को लाइन या टावरों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। इस नई लाइन के बनने से जहां वोल्टेज में सुधार आएगा, वहीं एक में फाल्ट आने पर दूसरी लाइन से आपूर्ति मिलती रहेगी।
अतर्रा प्रदेश की प्रमुख धान मंडी में से एक रही है। अभी भी कई धान मिलें हैं। यहां 132 केवी क्षमता का सब स्टेशन है। बिजली की आपूर्ति बांदा से की जाती है लेकिन लाइन काफी पुरानी हो जाने से अक्सर फाल्ट की स्थिति में आपूर्ति बाधित होती रही है। अतर्रा के सब स्टेशन से नरैनी और खुरहंड क्षेत्र भी जुड़ा हुआ है। लगभग दो सैकड़ा गांवों को बिजली आपूर्ति हो रही है। अब पावर कारपोरेशन (ट्रांसमिशन) ने बांदा स्थित 220 केवी सब स्टेशन से अतर्रा 132 सब स्टेशन तक नई लाइन डालने का काम पूरा कर लिया है।
44 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 141 टावर लगाए गए हैं। इसको बनने में दो वर्ष लगे। करीब 18 करोड़ रुपये लागत आई।
अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) रविकांत वर्मा ने बताया कि पहली या दूसरी फरवरी को इस नई लाइन में करंट चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे अतर्रा, नरैनी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार आएगा। पुरानी लाइन भी बरकरार रहेगी। दो लाइनें होने से किसी एक में फाल्ट आने पर आपूर्ति बाधित नहीं होगी। अधिशासी अभियंता ने कहा कि बांदा शहर के कुछ इलाकों सहित भज्जी पुरवा, गोरेगांव, बिसंडी पुरवा, डिंगवाही, खुरहंड, छोटी सेमरिया, महोतरा, अतर्रा, बिसंडा रोड क्रासिंग, बड़ी सेमरिया, बरम बाबा और तुर्रा आदि गांवों से यह लाइन गुजरी है। टावर भी लगे हैं। अधिशासी अभियंता ने खबरदार किया है कि लाइन या टावरों के पास किसी तरह का निर्माण न करें। टावरों से दूर रहें। जानवरों को भी दूर रखें। आगाह किया कि लाइन या टावर के संपर्क में आने से कोई दुर्घटना हुई तो विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।
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अतर्रा प्रदेश की प्रमुख धान मंडी में से एक रही है। अभी भी कई धान मिलें हैं। यहां 132 केवी क्षमता का सब स्टेशन है। बिजली की आपूर्ति बांदा से की जाती है लेकिन लाइन काफी पुरानी हो जाने से अक्सर फाल्ट की स्थिति में आपूर्ति बाधित होती रही है। अतर्रा के सब स्टेशन से नरैनी और खुरहंड क्षेत्र भी जुड़ा हुआ है। लगभग दो सैकड़ा गांवों को बिजली आपूर्ति हो रही है। अब पावर कारपोरेशन (ट्रांसमिशन) ने बांदा स्थित 220 केवी सब स्टेशन से अतर्रा 132 सब स्टेशन तक नई लाइन डालने का काम पूरा कर लिया है।
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44 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 141 टावर लगाए गए हैं। इसको बनने में दो वर्ष लगे। करीब 18 करोड़ रुपये लागत आई।
अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) रविकांत वर्मा ने बताया कि पहली या दूसरी फरवरी को इस नई लाइन में करंट चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे अतर्रा, नरैनी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार आएगा। पुरानी लाइन भी बरकरार रहेगी। दो लाइनें होने से किसी एक में फाल्ट आने पर आपूर्ति बाधित नहीं होगी। अधिशासी अभियंता ने कहा कि बांदा शहर के कुछ इलाकों सहित भज्जी पुरवा, गोरेगांव, बिसंडी पुरवा, डिंगवाही, खुरहंड, छोटी सेमरिया, महोतरा, अतर्रा, बिसंडा रोड क्रासिंग, बड़ी सेमरिया, बरम बाबा और तुर्रा आदि गांवों से यह लाइन गुजरी है। टावर भी लगे हैं। अधिशासी अभियंता ने खबरदार किया है कि लाइन या टावरों के पास किसी तरह का निर्माण न करें। टावरों से दूर रहें। जानवरों को भी दूर रखें। आगाह किया कि लाइन या टावर के संपर्क में आने से कोई दुर्घटना हुई तो विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।
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