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मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना से संतृप्त नहीं हो पाए गांव
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बांदा। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना में चयनित शहीद व पिछड़े गांवों का दो साल बाद भी कायाकल्प नहीं हो सका। सबसे अधिक खराब स्थिति पानी, बिजली, सड़क सहित शहीदों के तोरण द्वार व मूर्ति स्थापना की हैं।
वर्ष 2018-19 में मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना से जनपद के 20 शहीद व पिछड़े राजस्व ग्रामों को चयनित किया गया था। योजना के तहत गांवों प्रधानमंत्री आवास योजना, आजीविका मिशन, मनरेगा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, बिजली, पानी, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र, प्रसाधन, शिक्षा, चिकित्सा आदि की समुचित व्यवस्था प्राथमिकता के साथ की जानी थी।
गांवों को एक साल में शत प्रतिशत संतृप्त करना था। लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी गांवों को संतृप्त नहीं किया गया। आलम यह है कि कई गांव आज भी संपर्क मार्ग, शुद्ध पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र, तालाबों का जीर्णोद्धार, शहीद तोरण द्वार व शहीद मूर्ति स्थापना आदि नहीं हुए। पांच गांवों में ही आगनबाडी केंद्र, संपर्क मार्ग, 15 गांवों में शुद्ध पेयजल, 4 गांवों में तालाबों का जीर्णोद्धार, एक गांव में शहीद तोरण द्वार, शहीद मूर्ति स्थापना नहीं हुई।
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राष्ट्रीय साक्षरता मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कौशल विकास, राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसी योजनाओं पर भी कोई खास काम नहीं हुआ। ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा का कहना है कि संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर गांवों को शत प्रतिशत संतृप्त करने के आदेश दिए गए हैं।
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वर्ष 2018-19 में मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना से जनपद के 20 शहीद व पिछड़े राजस्व ग्रामों को चयनित किया गया था। योजना के तहत गांवों प्रधानमंत्री आवास योजना, आजीविका मिशन, मनरेगा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, बिजली, पानी, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र, प्रसाधन, शिक्षा, चिकित्सा आदि की समुचित व्यवस्था प्राथमिकता के साथ की जानी थी।
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गांवों को एक साल में शत प्रतिशत संतृप्त करना था। लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी गांवों को संतृप्त नहीं किया गया। आलम यह है कि कई गांव आज भी संपर्क मार्ग, शुद्ध पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र, तालाबों का जीर्णोद्धार, शहीद तोरण द्वार व शहीद मूर्ति स्थापना आदि नहीं हुए। पांच गांवों में ही आगनबाडी केंद्र, संपर्क मार्ग, 15 गांवों में शुद्ध पेयजल, 4 गांवों में तालाबों का जीर्णोद्धार, एक गांव में शहीद तोरण द्वार, शहीद मूर्ति स्थापना नहीं हुई।
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राष्ट्रीय साक्षरता मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कौशल विकास, राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसी योजनाओं पर भी कोई खास काम नहीं हुआ। ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा का कहना है कि संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर गांवों को शत प्रतिशत संतृप्त करने के आदेश दिए गए हैं।