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भट्ठे से चौदह मजदूरों को महाराष्ट्र पुलिस ने छुड़ाया
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- फोटो : BANDA
बांदा। पुणे (महाराष्ट्र) के हवेली तहसील अंतर्गत देहू गांव में ईंट-भट्ठे में बंधुआ बनाए गए अनुसूचित जाति के 14 मजदूरों को पुलिस ने मुक्त करा लिया। इनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। महाराष्ट्र पुलिस ने मजदूरों को यहां लाकर जिला प्रशासन के सुपुर्द कर दिया। इन्हें मुक्त कराने के लिए पैरवी असंगठित मजदूर मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष दल सिंगार ने की थी।
अतर्रा तहसील और बिसंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघा गांव के नगला पुरवा निवासी ओमप्रकाश और हिम्मत प्रसाद सपरिवार पांच माह पूर्व ठेकेदार के माध्यम से देहू (पुणे, महाराष्ट्र) ईंट-भट्ठा मजदूरी करने गए थे। उन्हें ठेकेदार ने 40 हजार रुपये एडवांस दिए थे, लेकिन भट्ठे में उन्हें बंधुआ बना लिया गया। मजदूरी भी नहीं दी गई। ओमप्रकाश ने बंधुआ बनाने की सूचना मोबाइल फोन से असंगठित मजदूर मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत उपाध्यक्ष प्रमोद आजाद (बांदा) को दी। मोर्चा ने महाराष्ट्र पुलिस आयुक्त और पुणे जिलाधिकारी से पत्राचार किया। मोर्चा की पहल पर महाराष्ट्र पुलिस ने ईंट-भट्ठे में दबिश देकर सभी बंधुआ मजदूरों को रिहा करा दिया। इनमें ओमप्रकाश व हिम्मत सहित राजकुमारी, रामप्रसाद वर्मा, सीमा, शीलू, चौदह साल की रोशनी, ग्यारह साल की रेशमा, तेरह साल की नेहा वर्मा, नौ साल का किशन, नौ साल की संध्या, छह साल की चंचल, दो साल की शिवानी और दो साल का अतुल कुमार शामिल है।
महाराष्ट्र पुलिस में उप निरीक्षक सुरेश कांबले, केदारनाथ बिडबे व अजयनाथ सावंत सुरक्षा कर्मियों के साथ रविवार को शाम बस में मुक्त कराए सभी मजदूरों को यहां लाए और जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर मोर्चा पदाधिकारियों सहित एक्शन एड, बाल श्रम, बाल मजदूर व बाल विवाद आदि संगठनों के समाजसेवी उपस्थित रहे। मजदूरों को उनके घर भेज दिया गया। उन्हें मदद का भरोसा दिलाया गया।
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अतर्रा तहसील और बिसंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघा गांव के नगला पुरवा निवासी ओमप्रकाश और हिम्मत प्रसाद सपरिवार पांच माह पूर्व ठेकेदार के माध्यम से देहू (पुणे, महाराष्ट्र) ईंट-भट्ठा मजदूरी करने गए थे। उन्हें ठेकेदार ने 40 हजार रुपये एडवांस दिए थे, लेकिन भट्ठे में उन्हें बंधुआ बना लिया गया। मजदूरी भी नहीं दी गई। ओमप्रकाश ने बंधुआ बनाने की सूचना मोबाइल फोन से असंगठित मजदूर मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत उपाध्यक्ष प्रमोद आजाद (बांदा) को दी। मोर्चा ने महाराष्ट्र पुलिस आयुक्त और पुणे जिलाधिकारी से पत्राचार किया। मोर्चा की पहल पर महाराष्ट्र पुलिस ने ईंट-भट्ठे में दबिश देकर सभी बंधुआ मजदूरों को रिहा करा दिया। इनमें ओमप्रकाश व हिम्मत सहित राजकुमारी, रामप्रसाद वर्मा, सीमा, शीलू, चौदह साल की रोशनी, ग्यारह साल की रेशमा, तेरह साल की नेहा वर्मा, नौ साल का किशन, नौ साल की संध्या, छह साल की चंचल, दो साल की शिवानी और दो साल का अतुल कुमार शामिल है।
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महाराष्ट्र पुलिस में उप निरीक्षक सुरेश कांबले, केदारनाथ बिडबे व अजयनाथ सावंत सुरक्षा कर्मियों के साथ रविवार को शाम बस में मुक्त कराए सभी मजदूरों को यहां लाए और जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर मोर्चा पदाधिकारियों सहित एक्शन एड, बाल श्रम, बाल मजदूर व बाल विवाद आदि संगठनों के समाजसेवी उपस्थित रहे। मजदूरों को उनके घर भेज दिया गया। उन्हें मदद का भरोसा दिलाया गया।
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