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Banda News: कुलपति ने गाजर घास के बताए नुकसान

Thu, 17 Aug 2023 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Aug 2023 11:24 PM IST
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Vice Chancellor told the disadvantages of carrot grass
बांदा। गाजर घास जागरूकता सप्ताह की शुरुआत कृषि विश्वविद्यालय में गाजर घास को उखाड़ कर हुई। गाजर घास आक्रामक तरीके से फैलती है। पत्तियां असामान्य रूप से गाजर की पत्ती की तरह होती हैं।
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विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एनपी सिंह ने किसानों से कहा कि इसे समय रहते नष्ट कर दें, ताकि इसके नुकसान से बचा जा सके। बताया कि इस खरपतवार के संपर्क में आने से एग्जिमा, एलर्जी, बुखार, दमा व नजला जैसी घातक बीमारियां हो जाती हैं। इसे खाने से पशुओं में कई रोग हो जाते हैं। दुधारू पशुओं के दूध में कड़वाहट आने लगती है।
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कृषि विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन शोध परियोजना के अन्वेषक डाॅ. दिनेश शाह ने कहा कि इसका प्रकोप खाद्यान्न, फसलों में भी देखा गया है। इसकी वजह से फसलों की पैदावार 30-40 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इसे उखाड़कर फेंक देना चाहिए ताकि पौधे में बीज बनने से रोका जा सके। जन संपर्क अधिकारी डाॅ. वीके गुप्ता भी मौजूद रहे।
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