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मंडल में 24 हजार शौचालयों का सत्यापन अटका
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बांदा। ओडीएफ घोषित होने के बाद 24060 शौचालय और बनाने की मंजूरी लेकर ग्राम पंचायतें लापरवाही बरत रही हैं। ‘यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज’ अभियान के तहत चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में इन शौचालयों का अब तक सत्यापन नहीं किया गया। दो माह से सत्यापन कार्य ठंडे बस्ते में है। केंद्र और प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में महोबा को छोड़कर अन्य किसी जिले ने इसमें दिलचस्पी ही नहीं ली। उधर, उप निदेशक ने चारों जिलों के डीपीआरओ को जारी निर्देश में नाराजगी जताते हुए लापरवाही बरत रहीं ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों को इसी वर्ष 2 अक्टूबर को ओडीएफ घोषित किया गया था। शौचालय बनवाने से छूटे परिवारों के लिए पंचायती राज विभाग ने शासन से 24060 शौचालयों की और स्वीकृत मांगी थी। ‘यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज’ अभियान के तहत इनमें बांदा व चित्रकूट में 5000-5000 व महोबा में 4283 और हमीरपुर में 9777 शौचालय शामिल थे। शासन ने चिह्नित परिवारों के सत्यापन करने का निर्देश दिया था, लेकिन दो माह बाद भी यह काम पूरा नहीं हुआ, जबकि यह काम 30 नवंबर तक पूरा किया जाना था। महोबा में 3391 परिवारों का सत्यापन हो सका है।
चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (पंचायत) दिनेश कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजे गए पत्र में सत्यापन कार्य में देरी के लिए कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर सत्यापन कार्य जल्द पूरा कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाली ग्राम पंचायतों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 95(1) प (6) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उनके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी जाए।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों को इसी वर्ष 2 अक्टूबर को ओडीएफ घोषित किया गया था। शौचालय बनवाने से छूटे परिवारों के लिए पंचायती राज विभाग ने शासन से 24060 शौचालयों की और स्वीकृत मांगी थी। ‘यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज’ अभियान के तहत इनमें बांदा व चित्रकूट में 5000-5000 व महोबा में 4283 और हमीरपुर में 9777 शौचालय शामिल थे। शासन ने चिह्नित परिवारों के सत्यापन करने का निर्देश दिया था, लेकिन दो माह बाद भी यह काम पूरा नहीं हुआ, जबकि यह काम 30 नवंबर तक पूरा किया जाना था। महोबा में 3391 परिवारों का सत्यापन हो सका है।
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चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (पंचायत) दिनेश कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजे गए पत्र में सत्यापन कार्य में देरी के लिए कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर सत्यापन कार्य जल्द पूरा कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाली ग्राम पंचायतों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 95(1) प (6) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उनके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी जाए।
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