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Banda News: बेमौसम बारिश से उम्मीदों पर फिरा पानी, खड़ी फसलों को भारी नुकसान की आशंका

Sat, 21 Mar 2026 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sat, 21 Mar 2026 12:27 AM IST
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Unseasonal rains dash hopes, fears of heavy damage to standing crops
फोटो 14 लाही की फसल काटने पहुंचा किसान। संवाद
बांदा। बिगड़े मौसम और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। पकी हुई फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य प्रभावित हुआ है, वहीं खेतों में कटी पड़ी फसलें भी खराब होने के कगार पर हैं। किसानों की साल भर की मेहनत पर ग्रहण लगने की आशंका गहरा गई है। वहीं किसान कटी फसल को बचाने के लिए खेतों में तिरपाल डालकर बचाने में जुटा है।
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मटौंध: कटाई-मड़ाई रुकी, फसलों के गिरने का डर

मटौंध क्षेत्र में अचानक मौसम के बिगड़ने और हल्की हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिन उम्मीदों के साथ किसानों ने अपनी फसलें तैयार की थीं, वे अब चिंता में बदल गई हैं। वर्तमान समय में क्षेत्र में मसूर, मटर और लाही की फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन मौसम बिगड़ने और बारिश होने के कारण यह कार्य रुक गया है। लाही की फसल तैयार खड़ी थी, लेकिन हवा और बारिश के कारण वह गिर रही है।
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तिंदवारी: गेहूं, अरहर और चना की पकी फसलों पर संकट

तिंदवारी। क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह से मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे गेहूं, अरहर और चना की पकी खड़ी फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि उनकी फसल पककर तैयार है और कुछ किसानों ने तो अपनी फसलें काटकर खेतों में ही रखी हैं। ऐसे में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा चलने से उन्हें भारी नुकसान की आशंका है। मुगुस के किसान विजय पाल ने बताया कि यदि बारिश तेज हुई तो उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं।
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कटी फसलें सड़ने और अंकुरित होने का खतरा

पैलानी कस्बे में भी सुबह से ही तेज हवा और बेमौसम बरसात ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं। किसानों का कहना है कि चना, मसूर, मटर और लाही की फसलें ज्यादातर मात्रा में कटकर खेतों में फैली हुई पड़ी हैं। खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बरसात की वजह से खेतों में कटी हुई ये फसलें सड़ने के साथ-साथ जमीन पर अंकुरित होने का भी अंदेशा है। किसान जनार्दन सिंह, मनोज पांडे, बुधराज यादव, बच्चू शुक्ला और आशा दिन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की पकी हुई फसलें खेत में ही फैल जाने से गेहूं की पैदावार कम हो जाएगी। इस बिगड़ते मौसम से किसानों को नुकसान के सिवाय कुछ भी शेष नहीं है।





.9 एमएम वर्षा से किसान परेशान
पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में कम दबाव का क्षेत्र बनाया है, जिससे तेज हवा चलने के साथ बारिश शुरू हो गई है और अगले तीन-चार दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी दिरेश शाहा ने बताया कि रविवार दोपहर 3:30 बजे तक 0.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। साथ ही न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस असमय वर्षा से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, क्योंकि तेज हवा से फसलें गिर सकती हैं और पकी हुई फसलें भीगने से खराब हो सकती हैं।

फोटो 14 लाही की फसल काटने पहुंचा किसान। संवाद

फोटो 14 लाही की फसल काटने पहुंचा किसान। संवाद

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