{"_id":"5fde37298ebc3e3b6a747e5d","slug":"two-life-murderers-of-neighboring-banda-news-knp6009219144","type":"story","status":"publish","title_hn":"पड़ोसी के दो हत्यारों को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पड़ोसी के दो हत्यारों को आजीवन कारावास
विज्ञापन
बांदा। धारदार हथियार से पड़ोसी की हत्या कर शव तालाब में फेंकने की सजा पूरी उम्र जेल में रहकर भुगतनी होगी। दोनों हत्यारों को अपर जिला न्यायाधीश ने आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के 9 वर्ष 7 माह बाद अदालत ने सजा सुनाई।
देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव में 12 नवंबर 2010 को सुनीता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पति अनुज सिंह उर्फ बाबू गांव के विक्रम सिंह के साथ बाइक पर पैसा निकालने बैंक गए थे। शाम को विक्रम सिंह अकेले लौटा। साथ में बाबू नहीं थे।
पूछने पर कहा कि वह सालिगराम नामक व्यक्ति के पास छोड़ आया है। 17 नवंबर को बाबू (44) का शव गांव के बाहर तालाब में मिला। पत्नी ने गांव के ही राजेंद्र सिंह उर्फ छोटा और विक्रम सिंह तथा रमेश सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार व मृतक का मोबाइल बरामद किया।
विज्ञापन
तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने 7 गवाह पेश किए। शनिवार को न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए राजेंद्र सिंह व विक्रम सिंह को हत्या में उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह और सजा होगी। राजेंद्र को आर्म्स एक्ट में भी 6 माह की सजा और 5 हजार का जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15 दिन की और कैद होगी। तीसरे अभियुक्त रमेश सिंह को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया गया। सजायाफ्ता दोनों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव में 12 नवंबर 2010 को सुनीता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पति अनुज सिंह उर्फ बाबू गांव के विक्रम सिंह के साथ बाइक पर पैसा निकालने बैंक गए थे। शाम को विक्रम सिंह अकेले लौटा। साथ में बाबू नहीं थे।
विज्ञापन
पूछने पर कहा कि वह सालिगराम नामक व्यक्ति के पास छोड़ आया है। 17 नवंबर को बाबू (44) का शव गांव के बाहर तालाब में मिला। पत्नी ने गांव के ही राजेंद्र सिंह उर्फ छोटा और विक्रम सिंह तथा रमेश सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार व मृतक का मोबाइल बरामद किया।
विज्ञापन
तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने 7 गवाह पेश किए। शनिवार को न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए राजेंद्र सिंह व विक्रम सिंह को हत्या में उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह और सजा होगी। राजेंद्र को आर्म्स एक्ट में भी 6 माह की सजा और 5 हजार का जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15 दिन की और कैद होगी। तीसरे अभियुक्त रमेश सिंह को निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया गया। सजायाफ्ता दोनों को जेल भेज दिया गया।