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बांदा: ब्लैकमेलिंग से परेशान ठेकेदार ने जान दी
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बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी कालोनी में रहने वाले युवा ठेकेदार ने शनिवार की शाम केन नदी पुल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी जेब से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी मां-बेटी के लगातार ब्लैकमेल करने से क्षुब्ध होकर आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी मां-बेटी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है। उनके फोन भी कब्जे में ले लिए।
पीडब्ल्यूडी के सामने आबाद कालोनी निवासी विनोद (29) ने शनिवार की शाम केन नदी पुल से छलांग लगा दी। पानी की बजाए पत्थरों में गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी व मृतक के पिता वंशगोपाल ने बताया कि विनोद सड़क की ठेकेदारी करता था। पड़ोस में रहने वाली मां-बेटी उसके पुत्र को लगभग छह माह से मानसिक रूप से परेशान किए थीं। ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोप लगाया कि 10 लाख रुपये और मकान अपने नाम कराने के लिए विनोद पर दबाव बनाया जा रहा था।
इसी से क्षुब्ध होकर उसके पुत्र ने केन नदी सड़क पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक दो भाइयों में बड़ा था। घर की जिम्मेदारी भी वहीं संभाले था। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भास्कर मिश्र ने बताया कि मृतक के भाई सत्येंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी मां-बेटी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मोबाइल डिटेल भी खंगाली जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक से मिले सुसाइड नोट की राइटिंग का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
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कालोनी का घर छोड़ा, फिर भी पीछा नहीं छोड़ा
मृतक के भाई सत्येंद्र के मुताबिक, विनोद की शादी कर्वी में तय थी। लॉकडाउन की वजह से शादी की डेट बढ़ गई थी। लड़की वालों को शादी की नई तारीख के लिए आना था। इसकी जानकारी पड़ोस की मां-बेटी को हुई तो उन्होंने विनोद को और परेशान करना शुरू कर दिया था। चार दिन पहले कालोनी का घर खाली करके सभी लोग सर्वोदय नगर में किराये का घर लेकर रहने लगे थे। इसके बाद भी मां-बेटी ने विनोद का पीछा नहीं छोड़ा। अंतत: उसे अपनी जान गंवाना पड़ गई।
ब्लैकमेल कर रही हैं कि हमें पैसे दो...
मैं विनोद कुमार अपनी मर्जी से आत्महत्या करने जा रहा हूं। हमारे घर के बगल में रहने वाली मां-बेटी छह माह से मानसिक उत्पीड़न कर रही हैं। पीडब्ल्यूडी में नौकरी करती है। ब्लैकमेल कर रही हैं कि हमें पैसे दो और अपना घर मेरे नाम करवाओ, नहीं तो हम तुुम्हारे ऊपर दुष्कर्म का मुकदमा लिखवा देंगे। नदी में कूदकर जान गंवाने वाले युवा ठेकेदार विनोद की जेब से मिले सुसाइट नोट में कुछ यही लिखा है। उसने अपनी मौत का कारण भी मां-बेटी को बताया है। सुसाइड नोट में विनोद के बाकायदा अंग्रेजी में हस्ताक्षर हैं। हालांकि, पुलिस हैंड राइटिंग की जांच करा रही है।
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पीडब्ल्यूडी के सामने आबाद कालोनी निवासी विनोद (29) ने शनिवार की शाम केन नदी पुल से छलांग लगा दी। पानी की बजाए पत्थरों में गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी व मृतक के पिता वंशगोपाल ने बताया कि विनोद सड़क की ठेकेदारी करता था। पड़ोस में रहने वाली मां-बेटी उसके पुत्र को लगभग छह माह से मानसिक रूप से परेशान किए थीं। ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोप लगाया कि 10 लाख रुपये और मकान अपने नाम कराने के लिए विनोद पर दबाव बनाया जा रहा था।
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इसी से क्षुब्ध होकर उसके पुत्र ने केन नदी सड़क पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक दो भाइयों में बड़ा था। घर की जिम्मेदारी भी वहीं संभाले था। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भास्कर मिश्र ने बताया कि मृतक के भाई सत्येंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी मां-बेटी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मोबाइल डिटेल भी खंगाली जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक से मिले सुसाइड नोट की राइटिंग का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
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कालोनी का घर छोड़ा, फिर भी पीछा नहीं छोड़ा
मृतक के भाई सत्येंद्र के मुताबिक, विनोद की शादी कर्वी में तय थी। लॉकडाउन की वजह से शादी की डेट बढ़ गई थी। लड़की वालों को शादी की नई तारीख के लिए आना था। इसकी जानकारी पड़ोस की मां-बेटी को हुई तो उन्होंने विनोद को और परेशान करना शुरू कर दिया था। चार दिन पहले कालोनी का घर खाली करके सभी लोग सर्वोदय नगर में किराये का घर लेकर रहने लगे थे। इसके बाद भी मां-बेटी ने विनोद का पीछा नहीं छोड़ा। अंतत: उसे अपनी जान गंवाना पड़ गई।
ब्लैकमेल कर रही हैं कि हमें पैसे दो...
मैं विनोद कुमार अपनी मर्जी से आत्महत्या करने जा रहा हूं। हमारे घर के बगल में रहने वाली मां-बेटी छह माह से मानसिक उत्पीड़न कर रही हैं। पीडब्ल्यूडी में नौकरी करती है। ब्लैकमेल कर रही हैं कि हमें पैसे दो और अपना घर मेरे नाम करवाओ, नहीं तो हम तुुम्हारे ऊपर दुष्कर्म का मुकदमा लिखवा देंगे। नदी में कूदकर जान गंवाने वाले युवा ठेकेदार विनोद की जेब से मिले सुसाइट नोट में कुछ यही लिखा है। उसने अपनी मौत का कारण भी मां-बेटी को बताया है। सुसाइड नोट में विनोद के बाकायदा अंग्रेजी में हस्ताक्षर हैं। हालांकि, पुलिस हैंड राइटिंग की जांच करा रही है।