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गैर इरादतन हत्या में पिता-पुत्र समेत तीन को सात-सात वर्ष की कैद
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बांदा। जमीनी विवाद में लाठियों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर देने पर जिला अस्पताल में दूसरे दिन हो गई मौत पर गैर इरादतन हत्या के जुर्म में पिता-पुत्र समेत तीन दोषियों को 7-7 वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के आऊ गांव निवासी कमलेश यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जनवरी 2017 को दिन में करीब 2 बजे उसका छोटा भाई चिंगू उर्फ बाबू अतर्रा से बाइक पर गांव आ रहा था। रास्ते में जग प्रसाद पुत्र शिवबली, राजेश व संतोष पुत्रगण जग प्रसाद, राजू पुत्र सुल्खे ने अपने दरवाजे पर उसे रोक लिया और लाठियों से पीटा। बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। घटना के पीछे जमीनी विवाद था।
भाई चिंगू की दूसरे दिन कानपुर में मौत हो गई। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से 9 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बुधवार को सेशन न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने जग प्रसाद, संतोष और राजू को 7-7 वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। यह तीनों एक वर्ष से जेल में हैं।
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एक अन्य आरोपी राजेश नाबालिग होने से उसका प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की और कैद होगी। जेल में रहने की अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार, सहायक शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल व नियाज अहमद ने पैरवी की।
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अतर्रा थाना क्षेत्र के आऊ गांव निवासी कमलेश यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जनवरी 2017 को दिन में करीब 2 बजे उसका छोटा भाई चिंगू उर्फ बाबू अतर्रा से बाइक पर गांव आ रहा था। रास्ते में जग प्रसाद पुत्र शिवबली, राजेश व संतोष पुत्रगण जग प्रसाद, राजू पुत्र सुल्खे ने अपने दरवाजे पर उसे रोक लिया और लाठियों से पीटा। बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। घटना के पीछे जमीनी विवाद था।
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भाई चिंगू की दूसरे दिन कानपुर में मौत हो गई। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से 9 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बुधवार को सेशन न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने जग प्रसाद, संतोष और राजू को 7-7 वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। यह तीनों एक वर्ष से जेल में हैं।
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एक अन्य आरोपी राजेश नाबालिग होने से उसका प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की और कैद होगी। जेल में रहने की अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार, सहायक शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल व नियाज अहमद ने पैरवी की।