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जल प्रबंधन योजना में तीन जिले शामिल
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बांदा। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तरी क्षेत्र (लखनऊ) ने एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट (जलभृत प्रबंधन परियोजना) में बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट और महोबा सहित आठ जिलों को चयनित किया है। बुंदेलखंड के तीनों जिलों के अलावा आगरा, हाथरस, अमरोहा, मुरादाबाद और सहारनपुर भी शामिल हैं। परियोजना से संबंधित बैठक में डीएम आनंद कुमार सिंह ने कहा कि चेकडैमों में सिल्ट सफाई और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाए।
डीएम ने किसानों को सिंचाई में ड्रिप पद्धति अपनाने और खेतों में मेड़बंदी के लिए भी प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को शाम कलक्ट्रेट सभागार में एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट की राष्ट्रीय परियोजना के क्रियान्वयन और प्रदेश सरकार द्वारा नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में बैठक का आयोजन किया गया।
नमामि गंगे योजना में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (उत्तरी क्षेत्र लखनऊ) ने प्रदेश के आठ जनपदों को एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया है। इन जनपदों में बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट और महोबा जिलों सहित आगरा, हाथरस, अमरोहा, मुरादाबाद और सहारनपुर शामिल हैं। बैठक में केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिकों द्वारा एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट (जलभृत प्रबंधन परियोजना) से संबंधित प्लान पेश किया गया।
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बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएम आनंद कुमार सिंह ने भूगर्भ जल विभाग और संबंधित अधिकारियों से कहा कि बनाए गए चेकडैमों की डिसिल्टिंग और मरम्मत कराई जाए। बैठक में किसानों को सिंचाई में ड्रिप पद्धति अपनाने और मेड़बंदी के लिए निर्देश दिए गए, ताकि भूजल संरक्षण और संवर्धन हो सके। भूगर्भ जल विभाग चित्रकूटधाम खंड अधिशासी अभियंता एमए जैदी ने जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों पर अमल का भरोसा दिलाया है। बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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डीएम ने किसानों को सिंचाई में ड्रिप पद्धति अपनाने और खेतों में मेड़बंदी के लिए भी प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को शाम कलक्ट्रेट सभागार में एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट की राष्ट्रीय परियोजना के क्रियान्वयन और प्रदेश सरकार द्वारा नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में बैठक का आयोजन किया गया।
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नमामि गंगे योजना में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (उत्तरी क्षेत्र लखनऊ) ने प्रदेश के आठ जनपदों को एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया है। इन जनपदों में बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट और महोबा जिलों सहित आगरा, हाथरस, अमरोहा, मुरादाबाद और सहारनपुर शामिल हैं। बैठक में केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिकों द्वारा एक्यूफर मैपिंग एवं मैनेजमेंट (जलभृत प्रबंधन परियोजना) से संबंधित प्लान पेश किया गया।
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बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएम आनंद कुमार सिंह ने भूगर्भ जल विभाग और संबंधित अधिकारियों से कहा कि बनाए गए चेकडैमों की डिसिल्टिंग और मरम्मत कराई जाए। बैठक में किसानों को सिंचाई में ड्रिप पद्धति अपनाने और मेड़बंदी के लिए निर्देश दिए गए, ताकि भूजल संरक्षण और संवर्धन हो सके। भूगर्भ जल विभाग चित्रकूटधाम खंड अधिशासी अभियंता एमए जैदी ने जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों पर अमल का भरोसा दिलाया है। बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।