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Banda News: सजा की रही चर्चा, दोषी के घर नहीं जला चूल्हा
Sun, 22 Feb 2026 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 22 Feb 2026 01:03 AM IST
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फोटो - 12 कस्बा के करतल मार्ग में चाय की दुकान पर अखबार पढ़ते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नरैनी। बच्चों के यौन शोषण मामले में निलंबित जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को अदालत से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को दिनभर चर्चा का केंद्र रहा। बाजारों, चौराहों और चाय की दुकानों पर लोग फैसले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देते नजर आए। कई लोगों ने इसे न्याय की दिशा में कठोर लेकिन जरूरी कदम बताया, वहीं अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।शनिवार सुबह अमर उजाला अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद पान और चाय की दुकानों पर लोग समाचार पढ़ते हुए दिखाई दिए। जगह-जगह समूह बनाकर लोग मामले पर चर्चा करते रहे और तरह-तरह की बयानबाजी करते नजर आए।
कस्बे के जवाहर नगर स्थित अभियुक्त के मकान में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। घर के बाहर न कोई आवाजाही दिखाई दी और न ही परिवार का कोई सदस्य नजर आया। पड़ोसियों के अनुसार सजा सुनाए जाने के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं। घर में चूल्हा तक नहीं जला और पूरे मोहल्ले में मातम जैसा माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर सजा से समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, नरैनी में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
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नरैनी। बच्चों के यौन शोषण मामले में निलंबित जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को अदालत से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को दिनभर चर्चा का केंद्र रहा। बाजारों, चौराहों और चाय की दुकानों पर लोग फैसले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देते नजर आए। कई लोगों ने इसे न्याय की दिशा में कठोर लेकिन जरूरी कदम बताया, वहीं अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।शनिवार सुबह अमर उजाला अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद पान और चाय की दुकानों पर लोग समाचार पढ़ते हुए दिखाई दिए। जगह-जगह समूह बनाकर लोग मामले पर चर्चा करते रहे और तरह-तरह की बयानबाजी करते नजर आए।
कस्बे के जवाहर नगर स्थित अभियुक्त के मकान में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। घर के बाहर न कोई आवाजाही दिखाई दी और न ही परिवार का कोई सदस्य नजर आया। पड़ोसियों के अनुसार सजा सुनाए जाने के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं। घर में चूल्हा तक नहीं जला और पूरे मोहल्ले में मातम जैसा माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर सजा से समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, नरैनी में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
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