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तिहरे हत्याकांड का मास्टर माइंड सोमचंद्र गिरफ्तार
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बांदा। शहर के चर्चित ट्रिपल हत्याकांड के खास आरोपी सोमचंद्र को अंतत: पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसे दबोचने में दो हफ्ते लगे। हालांकि गिरफ्तारी के एक दिन पूर्व सोमचंद्र ने अदालत में हाजिर होने का प्रयास किया था, लेकिन समय खत्म हो जाने पर सरेंडर नहीं कर पाया।
20 नवंबर की रात शहर के परशुराम तालाब चमरौडी में प्रयागराज में तैनात कांस्टेबल अभिजीत वर्मा, मां रमा देवी और बहन निशा की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। सिपाही के भाई सौरभ वर्मा ने तीन चचेरे भाइयों समेत उनके घर की महिलाओं सहित 15 नामजद और दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या सहित कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने दो दिन बाद नामजद 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। घटना के मास्टर माइंड कहे जाने वाले सोमचंद्र सहित पांच लोग फरार थे। बुधवार की रात एसओजी टीम ने प्रभारी आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में मटौंध थाना अंतर्गत खैराडा रेलवे क्रासिंग के पास गिरफ्तार कर लिया। सीजेएम न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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गिरफ्तारी के पूर्व बुधवार को सोमचंद्र ने सीजेएम अदालत में सरेंडर करने की कोशिश की थी। वह कई अधिवक्ताओं के साथ अदालत पहुंचा था, लेकिन तब तक समय खत्म हो चुका था। उधर, यह भी चर्चा है कि अदालत में सरेंडर न हो पाने के बाद सोमचंद्र खुद कोतवाली पहुंच गया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
सामूहिक हत्याकांड में सोमचंद्र को मुख्य मास्टर माइंड माना जा रहा है। एफआईआर में भी इसका पहले नाम है। उस पर शहर कोतवाली में कई आपराधिक मुकदमें हैं। तिहरे हत्याकांड में अब अभी चार और फरार हैं। इनमें धर्मेंद्र पुत्र शिवराज (मृतक का साला), राज उर्फ गोपी (मृतक का भतीजा), सूरज पुत्र रामशरण और शिववती पत्नी धर्मेंद्र शामिल हैं।
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20 नवंबर की रात शहर के परशुराम तालाब चमरौडी में प्रयागराज में तैनात कांस्टेबल अभिजीत वर्मा, मां रमा देवी और बहन निशा की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। सिपाही के भाई सौरभ वर्मा ने तीन चचेरे भाइयों समेत उनके घर की महिलाओं सहित 15 नामजद और दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या सहित कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने दो दिन बाद नामजद 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। घटना के मास्टर माइंड कहे जाने वाले सोमचंद्र सहित पांच लोग फरार थे। बुधवार की रात एसओजी टीम ने प्रभारी आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में मटौंध थाना अंतर्गत खैराडा रेलवे क्रासिंग के पास गिरफ्तार कर लिया। सीजेएम न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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गिरफ्तारी के पूर्व बुधवार को सोमचंद्र ने सीजेएम अदालत में सरेंडर करने की कोशिश की थी। वह कई अधिवक्ताओं के साथ अदालत पहुंचा था, लेकिन तब तक समय खत्म हो चुका था। उधर, यह भी चर्चा है कि अदालत में सरेंडर न हो पाने के बाद सोमचंद्र खुद कोतवाली पहुंच गया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
सामूहिक हत्याकांड में सोमचंद्र को मुख्य मास्टर माइंड माना जा रहा है। एफआईआर में भी इसका पहले नाम है। उस पर शहर कोतवाली में कई आपराधिक मुकदमें हैं। तिहरे हत्याकांड में अब अभी चार और फरार हैं। इनमें धर्मेंद्र पुत्र शिवराज (मृतक का साला), राज उर्फ गोपी (मृतक का भतीजा), सूरज पुत्र रामशरण और शिववती पत्नी धर्मेंद्र शामिल हैं।