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2.44 अरब के निर्माण कार्यों की जांच करेंगी टीमें

Sun, 01 Nov 2020 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 11:28 PM IST
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The teams will examine 2.44 billion construction works
बांदा। पीडब्ल्यूडी सहित तीन विभागों के जिले में कराए जा रहे 2 अरब 44 करोड़ 61 लाख रुपये के विकास कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी जांच होगी। डीएम आनंद कुमार सिंह सभी विभागों के लिए अलग-अलग चार जांच समितियां गठित की हैं। हरेक जांच टीम में एक अध्यक्ष और तीन अभियंताओं को सदस्य नामित किया है। समितियां अपनी जांच रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित 7 नवंबर तक डीएम को उपलब्ध कराएं।
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डीएम ने सभी विभागों के कार्यों की जांच के लिए अलग-अलग आदेश पत्र जारी किए हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-1 व निर्माण खंड-2, प्रांतीय खंड सहित उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम और उत्तर प्रदेश जल निगम 16वां खंड शामिल हैं। सबसे ज्यादा 12 कार्यों के लिए 85 करोड़ 52 लाख 57 हजार रुपये जल निगम 16वें खंड को दिए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को तीन कामों के लिए 52 करोड़ 52 लाख 18 हजार, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को एक कार्य के लिए 42 करोड़ 07 लाख 16 हजार, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 को दो कामों के लिए 53 करोड़ 18 लाख 44 हजार और निर्माण खंड-1 को एक कार्य के लिए 11 करोड़ 30 लाख 65 हजार रुपये दिए गए हैं।
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डीएम ने समितियों से कहा है कि अपनी जांच में इस्टीमेट और एमबी की जांच भी शामिल करें। इसका विस्तृत परीक्षण करके स्पष्ट उल्लेख रिपोर्ट में करें। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रिपोर्टों का नोट बनाकर सीडीओ के माध्यम से डीएम को भेजेंगे।
फतेहपुर-बबेरू-नरैनी-करतल मार्ग की जांच
बांदा। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-1 को फतेहपुर-बबेरू-अतर्रा-नरैनी-करतल मार्ग के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 11 करोड़ 30 लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 20 प्रतिशत कार्य हुआ है।
डीएम ने इसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक आरपी मिश्रा की अध्यक्षता में केन नहर एक्सईएन अरविंद पांडेय, आरईएस के एई नंदलाल सिंह और विकास प्राधिकरण के जेई अविनाश अग्रवाल को तकनीकी अधिकारी के रूप में शामिल किया है।
मनरेगा उपायुक्त की अध्यक्षता में सड़क चौड़ीकरण की जांच
बांदा। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 को राज्य योजना से तिंदवारी-पपरेंदा-पैलानी-जसपुरा-सुमेरपुर सड़क में 13 से 44 किलोमीटर तक चौड़ीकरण के लिए 36 करोड़ 94 लाख 50 हजार रुपये दिए गए हैं। काम पूरा होना बताया गया है। इसी सड़क में किलोमीटर एक से 12 तक चौड़ीकरण के लिए 16 करोड़ 23 लाख 94 हजार रुपये दिए गए हैं।
इसकी जांच के लिए मनरेगा उपायुक्त वेद प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में आरईएस के एक्सईएन मोहम्मद शमीम, विकास प्राधिकरण के एई वीके ओझा और केन नहर प्रखंड के जेई गरुड़ देव को तकनीकी अधिकारी के रूप में शामिल किया गया है।
बांदा-बबेरू राज्यमार्ग की भी जांच
बांदा। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को राज्यमार्ग संख्या-92 बांदा-बबेरू सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 42 करोड़ 7 लाख 16 हजार रुपये दिए गए हैं। 84 फीसदी काम पूरा बताया गया है।
इसकी जांच के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव धीर की अध्यक्षता में लघु डाल नहर प्रखंड के एक्सईएन शरद चौहान, विकास प्राधिकरण एई मोहम्मद नसीम और आरईएस जेई जनक सिंह को तकनीकी अधिकारी के रूप में शामिल किया गया है।
निर्माण निगम की जांच बीएसए की अध्यक्षता में
बांदा। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को राजकीय महाविद्यालय, पिपरहरी के लिए 11 करोड़ 77 लाख 55 हजार रुपये, राजकीय पालीटेक्निक, रयान (बबेरू) निर्माण के लिए 16 करोड़ 57 लाख 83 हजार और पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण के लिए 24 करोड़ 16 लाख 80 हजार रुपये दिए गए हैं।
इन कामों की जांच के लिए गठित टीम में बीएसए हरिश्चंद्रनाथ अध्यक्ष होंगे। नलकूप खंड के एक्सईएन ज्ञानेश कुमार, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एई अजय कुमार और लघु सिंचाई के जेई आरपी वर्मा को तकनीकी अधिकारी नियुक्त किया है।
जल निगम के पांच कामों की होगी जांच
बांदा। उत्तर प्रदेश जल निगम 16वां खंड को गुढ़ाकलां पेयजल योजना के लिए 11 करोड़ 87 लाख 46 हजार, कृषि विश्वविद्यालय, सर्किट हाउस और जिला अस्पताल में जलापूर्ति के लिए भूरागढ़ में शोध यंत्र बनाने को 10 करोड़ 96 लाख 45 हजार, भभुवा ग्राम समूह पुनर्गठन पेयजल योजना के लिए 23 करोड़ 33 लाख 79 हजार, औगासी ग्राम पुनर्गठित पेयजल योजना के लिए 19 करोड़ 86 लाख 23 हजार और भूरागढ़ स्थित डब्ल्यूटीपी से पूर्व में बिछाई गई पुरानी राइजिंग लाइन बदलने के लिए 19 करोड़ 44 लाख 66 हजार रुपये दिए गए हैं।

इन कामों की जांच के लिए एआरसीएस वीरेंद्र बाबू की अध्यक्षता में तकनीकी अधिकारी के रूप में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-1 के एक्सईएन डीएन यादव, लघु सिंचाई के एई प्रमोद कुमार मिश्र और प्राधिकरण के जेई रवींद्र प्रताप गुप्ता को शामिल किया गया है।
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