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केंद्रीय दल ने हाईवे किनारे के गांवों में किया सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो बांदा
Updated Tue, 01 Dec 2015 10:59 PM IST
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बांदा। खरीफ व रबी की फसलों में सूखे से हुए नुकसान का जायजा लेने आए केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अपर सचिव बीएन सिंह और प्रदेश के संयुक्त निदेशक कृषि राजेश गुप्ता ने किसानों को ज्यादा से ज्यादा मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।
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दोनों अधिकारियों ने बांदा-कानपुर राजमार्ग किनारे स्थित दोहतरा, पपरेंदा और अतरहट गांवों का निरीक्षण किया। सर्किट हाउस में बैठक में मंडलायुक्त ने उन्हें मंडल में खरीफ की फसल में 100 फीसदी तथा रबी फसल में 80 फीसदी से ज्यादा नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। सूखे से मंडल में बिगड़ रहे हालात से अवगत कराया। दो घंटे मेें तीन गांवों का भ्रमण और मीटिंग निपटाकर अध्ययन दल चित्रकूट के लिए रवाना हो गया।
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प्रशासन ने सूखा रिपोर्ट पिछले दिनों शासन को भेजी थी। शासन ने इसे केंद्र को भेज दिया। इस रिपोर्ट का सत्यापन करने केंद्रीय अपर सचिव मंगलवार को सुबह यहां आए। डीडी कृषि उमेश चंद्र कटियार और तहसीलदार संतराम ने पपरेंदा में रिसीव किया। यहां से टीम ने राजमार्ग के किनारे बसे पपरेंदा गांव में खेतों का जायजा लेकर किसानों से बातचीत की। इसके बाद इसी रोड पर स्थित दोहतरा और अतरहट गांव में भी खेतों के फोटोग्राफ्स लिए। सर्किट हाउस में मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
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संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी ने उन्हें सूखे की स्थिति से अवगत कराया। केंद्रीय अफसरों ने धान में 50 फीसदी, ज्वार 55, मक्का व बाजरा 100 फीसदी, अरहर 43 फीसदी तिल का 38 फीसदी नुकसान माना है। एक्सईएन नलकूप लक्ष्मी नारायण ने बताया कि डिस्चार्ज कम होने से 180-200 फीट वाले राजकीय नलकूप जवाब दे रहे हैं। नलकूप ज्यादा चलने से निजी बोर में भी पानी नहीं निकल रहा है।
तालाब व पोखरे सूखे हैं। केंद्रीय अपर सचिव ने मंडल में दी जा रही दो घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति, उद्यान विभाग द्वारा योजनाओं के जरिए किसानों को पहुंचाई गई मदद, जल निगम द्वारा टैंकरों से की जा रही जलापूर्ति आदि की रिपोर्ट ली।
उन्होंने केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। केंद्रीय अध्ययन दल यहां से चित्रकूट के लिए रवाना हो गया। इस दौरान सीडीओ रामकुमार, समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह, डीपीआरओ रणधीर सिंह, सीवीओ रवि रंजन शुक्ला, जिला कृषि अधिकारी बालगोविंद यादव इत्यादि शामिल रहे।